चंडीगढ़/अखंड केसरी ब्यूरो
पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम की राह में अब रेलवे की वजह से रुकावट आ रही है। रेलवे ने आने वाले डेढ़ महीने तक यात्रा के लिए ट्रेन मुहैया करवाने में असमर्थता जताई है। इस संबंधी रेलवे के एक अधिकारी ने जुबानी तौर पर इस बारे में पंजाब सरकार को सूचना दी है। उनकी तरफ से कहा गया है कि फरवरी तक वह ट्रेन मुहैया नहीं करवा पाएंगे। पंजाब सरकार रेलवे से ट्रेन हासिल करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। सरकार ने इस मामले में एक और पत्र रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को लिखा है। साथ ही इस दिशा में उचित कदम उठाने की अपील की है। दूसरी तरफ स्कीम के तहत रूटों पर बसों की संख्या बढ़ा दी है। अब रोजाना पड़ोसी राज्यों में जाने वाली बसों की संख्या दस रहेगी। पंजाब सरकार द्वारा 18 दिन पहले 27 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर स्पेशल मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की शुरुआत की गई थी। तब से लेकर अब तक केवल एक ट्रेन श्रद्वालुओं को लेकर जा पाई है। पहला जत्था श्री हजूर साहिब के लिए रवाना हुआ था। रेलवे की तरफ से रही दिक्कत की वजह से छह दिसंबर को जालंधर से वाराणसी जाने वाली ट्रेन रद्द हो गई थी। अब 15 दिसंबर को मालेरकोटला से अजमेर शरीफ जत्था जाना था, लेकिन रेलवे की तरफ से असमर्थता जता दी गई है। हालांकि राज्य सरकार ने 15 दिसंबर की ट्रेन के लिए 1.34 करोड़ रेलवे को जमा करवाए हुए हैं।
जेनरेटरों की कमी का दिया हवाला
पंजाब सरकार की तरफ से यह यात्रा लोगों को एसी ट्रेन में करवाई जा रही है, जबकि रेलवे का तर्क है कि उनके पास जेनरेटर कारों का अभाव है। दूसरी तरफ राज्य सरकार की तरफ से दलील दी है कि यात्रा के लिए रेलवे से एमओयू साइन हुआ है, वहीं, यात्रा से जुड़ी राशि भी एडवांस में दी जा रही है। इसके बावजूद भी इस तरह की दिक्कत आ रही है। हालांकि सरकार ने तीर्थ यात्रा को लेकर योजना बनाई हुई। इसमें कोशिश यही है कि आने वाले लोकसभा चुनाव से पहले ही इसे हर हाल में संपन्न किया जाए।
हर हफ्ते जानी थी श्रद्वालुओं को लेकर ट्रेन
सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम के लिए 40 करोड़ का बजट रखा गया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 13 ट्रेन धार्मिक स्थानों पर भेजे जाने की योजना है। योजना के मुताबिक हर हफ्ते एक ट्रेन को श्रद्वालुओं को लेकर जाना था। प्रत्येक ट्रेन में एक हजार श्रद्वालु शामिल रहने थे। पंजाब सरकार ने इस काम के लिए इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन के साथ इसके लिए एमओयू साइन किया हुआ है। वहीं, पंजाब व इसके साथ लगते हिमाचल प्रदेश के धार्मिक स्थानों की यात्रा बस के माध्यम से करवाई जाती है। यात्रा की रूपरेखा कैबिनेट के लिए सब कमेटी बनी हुई है। इसमें कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर व अमन अरोड़ा शामिल है।


