किसानों ने पंजाब और हरियाणा में कई जगहों पर ट्रैक्टर मार्च शुरू कर दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी किसानों का समर्थन किया है।
पंजाब में इन जगहों पर निकाला गया ट्रैक्टर मार्च
पंजाब के लुधियाना में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ट्रैक्टर मार्च की शुरुआत की। लुधियाना-जालंधर हाईवे पर ट्रैक्टर मार्च निकाला गया है। अमृतसर में होलसेल के पास ट्रैक्टर मैर्च लंबी कतारों में खड़े हैं। वहीं अमृतसर के डी-मार्ट के पास भी ट्रैक्टर मार्च शुरू कर दिया गया है। पंजाब के साथ ही हरियाणा में भी किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाले। वहीं पटियाला में 9 जगहों पर ट्रैक्टर मार्च निकाले जा रहे हैं। करनाल में ट्रैक्टर मार्च के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं किसान नेताओं ने कहा कि वे अपने तरीके से गणतंत्र दिवस मना रहे हैं।
हरियाणा में इन जगहों पर निकाला गया ट्रैक्टर मार्च
हरियाणा के अंबाला में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।हिसार में किसान ट्रैक्टर लेकर मार्च करने के लिए निकले। इसके अलावा कैथल में चीका ब्लॉक पर BKU शहीद भगत सिंह का ट्रैक्टर मार्च निकला।जींद में भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने ट्रैक्टर मार्च शुरू किया। वहीं हरियाणा के अंबाला में किसानों ने BJP मंत्री अनिल विज के घर को घेर लिया। BKU शहीद भगत सिंह के किसानों ने उनके घर के बाहर अपने ट्रैक्टर खड़े करके केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उनके घर के बाहर सुरक्षा कड़ी रही। इसके अलावा रोहतक, उचाना और सिरसा में भी किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाले।
सर्वजातीय आठ गामा खाप का समर्थन और किसान नेताओं का बयान
चरखी दादरी में सर्वजातीय आठ गामा खाप ने किसानों का समर्थन किया है। उन्होंने खनौरी बॉर्डर पर पहुंचकर हर कॉल को लागू करने की बात कही। वहीं किसान नेता परमिंदर सिंह ने लोगों को किसानों की लड़ाई से जुड़ने का आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने डल्लेवाल की हालत को लेकर कामना की और कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की बात सुननी होगी। उन्होंने कहा कि ये हमारी अकेले की लड़ाई नहीं है, ये एक बड़ी लड़ाई है।वहीं किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि 29 जनवरी को किसान अमृतसर से रवाना होंगे और 30 जनवरी को शंभू बॉर्डर पर पहुंचेंगे।
किसानों के समर्थन में बोले भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने किसानों के समर्थन में कहा कि पंजाब के किसानों ने देश को कभी निराश नहीं किया है। हमारे अन्नदाता हड़ताल कर रहे हैं और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। भारत सरकार को अन्नदाताओं से बाद करनी चाहिए ताकि ये आंदोलन बंद हों और किसानों के ट्रैक्टर प्रदर्शन के लिए नहीं बल्कि खेती करने के लिए चलें। उन्होंने ये भी कहा कि केंद्र सरकार को ग्रामीण विकास फंड और मंडियों के लिए फंड जारी करना चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो हमें मजबूरन कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
किसानों की रणनीति
26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च से पहले किसान नेताओं ने रणनीति बनाई कि वे 26 जनवरी को 12 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक अपने ट्रैक्टर भाजपा कार्यालय और बड़े शॉपिंग मॉल्स के बाहर पार्क करेंगे। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा, किसान मजदूर मोर्चा और पंजाब के किसान संगठन एसकेएम (गैर राजनीतिक) ने भी किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर मार्च निकालने का ऐलान किया है।
किसान नेताओं ने किया था आग्रह
बता दें संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से पंजाब-हरियाणा समेत पूरे देश में अगल-अलग जगहों पर किसानों से ट्रैक्टर मार्च निकालने का आह्वान किया है। पंजाब में लगभग 100 तहसीलों में किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। पंजाब में तहसील स्तर पर ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। इस दौरान ट्रैक्टर अपने-अपने गांव से निकलेंगे और निश्चित रास्ते से होते हुए तहसील तक जाएंगे और फिर अपने-अपने गांव लौट जाएंगे।
सरवम सिंह पंधेर ने केंद्र सरकार से की मांग
वहीं हाल ही में कृषि मंत्रालय की संयुक्त सचिव प्रिया रंजन के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय केंद्रीय प्रतिनिधि मंडल बैठक की गई। प्रतिनिधियों ने डल्लेवाल और केएमएम, एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के प्रतिनिधियों से खनौरी बॉर्डर पर मुलाकात की। उन्होंने किसानों को 14 फरवरी से वार्ता शुरू करने के लिए आमंत्रित किया। वहीं मीडिया संबोधित करते हुए केएमएम नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि 14 फरवरी का दिन बहुत दूर है। किसानों से बात करने के लिए सराकर ने काफी देर लगा दी। हमारी मांग है कि केंद्र सरकार हमसे जल्दी बात करें।
जगजीत सिंह डल्लेवाल के अनशन को 62 दिन
खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को आमरण अनशन पर बैठे हुए 62 दिन हो चुके हैं। अब तक 4 से 5 बार उनकी तबीयत बिगड़ चुकी है। मेडिकल ट्रीटमेंट लेने के बाद उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट में डल्लेवाल की सेहत को लेकर सुनवाई हो रही है। अब तक इस मुद्दे पर 10 बार चर्चा हो चुकी है। हाल ही में पंजाब सरकार ने उनकी हेल्थ से जुड़ी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की थी, जिसमें बताया गया था कि डल्लेवाल की हालत में सुधार हो रहा है।


