पंजाब के फरीदकोट में लोगों में एक गैंगस्टर का खौफ इस कदर है कि गांव से पंचायत चुनाव के लिए किसी ने भी नामांकन नहीं भरा। सरपंच और पंच पदों पर एक भी दावेदार सामने नहीं आया है। गैंगस्टर सिम्मा बहबल का डर लोगों में इतना है कि वह चुनाव को लेकर बात करने से भी परहेज कर रहे हैं।
फरीदकोट/न्यूज नेटवर्क
पंजाब में पंचायत चुनाव का शोर पूरे प्रदेश में है। 15 अक्तूबर को पूरे प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए मतदान होगा। सरपंच और पंच उम्मीदवारों के लिए 4 अक्तूबर नामांकन का आखिरी दिन था। वहीं, प्रदेश में ऐसे कई गांव हैं जहां सर्वसम्मति से पंचायतें चुनी गई हैं। वहीं, फरीदकोट जिले के एक गांव ऐसा भी है जहां किसी ने भी चुनाव के लिए नामांकन नहीं भरा। गांव में ऐसा को भी शख्स नहीं जिसने सरपंच और पंच पद के लिए खुद को उम्मीवार बनाने की हिम्मत दिखाई हो। यह गांव है बहबल कलां।
बहबल कलां में किसी भी व्यक्ति ने न तो सरपंच पद के लिए और नही पंच पद के लिए अपना नामांकन पत्र जमा करवाया है। ऐसे में 15 अक्तूबर को गांव की पंचायत का चुनाव नहीं हो पाएगा। बहबल कलां में ऐसे हालात के पीछे उक्त गांव से संबंधित गैंगस्टर सिम्मा बहबल का डर माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सिम्मा बहबल अपने पिता को गांव का सरपंच बनाना चाहता था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पुलिस ने सिम्मा बहबल समेत उसके पिता व अन्य साथियों पर केस दर्ज किया। इसके बाद उनका परिवार नामांकन दाखिल नहीं कर पाया और उनके परिवार के खौफ के चलते गांव का कोई और व्यक्ति भी नामांकन भरने के लिए आगे नहीं आया। मामले में गांव का कोई भी व्यक्ति टिप्पणी करने को तैयार नहीं हुआ।
पुलिस पकड़ने गई तो भाग गया गैंगस्टर सिम्मा
जमानत पर जेल से बाहर है सिम्मा


