आमरण अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सुप्रीम कोर्ट को लिखा पत्र, की बेहद भावुक अपील

लगातार 25 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने बेहद भावुक अपील की है। बता दें कि डल्लेवाल की सेहत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।

चंडीगढ़/ न्यूज डेस्क

हरियाणा-पंजाब सी सीमा पर खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा है। उनके आमरण अनशन को शुक्रवार को पूरे 25 दिन हो गए हैं। उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी जान को खतरा है, क्योंकि वह कई दिनों से बिना कुछ खाए अनशन पर बैठे हुए हैं।

डल्लेवाल ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से किसानों की मांगें स्वीकार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग की है।
पंजाब के फिरोजपुर के गांव डल्लेवाला के रहने वाले 70 वर्षीय जगजीत सिंह डल्लेवाल कैंसर के मरीज हैं। वह लगातार 25 दिन से हरियाणा-पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर अनशन पर बैठे हैं। डल्लेवाल अनशन तोड़ने को तैयारन नहीं हैं, जब तक केंद्र सरकार की तरफ से उनकी मागों को माना नहीं जाता। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण उनका शरीर कमजोर हो गया है।

डल्लेवाल का सुप्रीम कोर्ट से भावुक अपील

किसान नेता डल्लेवाल सुप्रीम कोर्ट से भावुक अपील की है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, मैं आपके स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का सम्मान करता हूं, लेकिन जो किसान सरकार की गलत नीतियों के कारण आत्महत्या कर चुके हैं, उनकी जान मेरे जीवन से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

संसदीय समिति की रिपोर्ट का हवाला

जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अपने पत्र में फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी को लेकर संसदीय समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह समिति सभी दलों के 31 सांसदों की है और इसकी सिफारिशों का सम्मान करते हुए सरकार को एमएसपी कानून लागू करना चाहिए।

सरकारों पर वादाखिलाफी का आरोप

डल्लेवाल ने लिखा कि जिन मुद्दों को लेकर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, वे केवल मांगें नहीं हैं, बल्कि सरकारों द्वारा किए गए वादे हैं। किसानों को इन वादों को पूरा करवाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। वहीं केद्र सरकार किसानों को दिल्ली आने से भी रोक रही है। किसान दिल्ली पैदल कूच करने के लिए तीन बार प्रयास कर चुके हैं। बावजूद इन्हें शंभू बॉर्डर पर आंसू गैस के गोलों और पानी की बौछारों से रोक दिया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट का पंजाब सरकार को निर्देश

डल्लेवाल की लगातार बिगड़ती तबीयत को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वे अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को खनौरी बॉर्डर पर ही एक अस्थायी अस्पताल बनाकर उसमें स्थानांतरित करें, ताकि उनकी सेहत पर चौबीस घंटे नजर रखी जा सके। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह से कहा कि वे डल्लेवाल को पंजाब और हरियाणा के बीच स्थित खनौरी बॉर्डर पर विरोध स्थल के पास बने अस्थायी अस्पताल में स्थानांतरित करने के संबंध में आज ही एक अंडरटेकिंग दाखिल करें।

प्रदर्शनकारियों का अडिग रुख

किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि डल्लेवाल किसी भी कीमत पर प्रदर्शन स्थल नहीं छोड़ेंगे। किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा 13 फरवरी से पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं। वहीं, इससे एक दिन पहले वीरवार को हरियाणा की 102 खापों ने किसान आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया था।

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