जालंधर ब्यूरो :-जालंधर के पुलिस कमिश्नर द्वारा शुरू किए गए ‘सहयोग: पुलिस पब्लिक पार्टनरशिप के लिए एक पहल’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना है। इस पहल के तहत, पुलिस और जनता के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय सहयोग की रणनीति अपनाई गई है। पुलिस कमिश्नर ने इस कार्यक्रम की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि आम जनता के पास पुलिस की सेवाओं और प्रक्रियाओं के बारे में सीमित जानकारी है। उदाहरण के लिए, बहुत से लोगों को अभी तक यह ज्ञात नहीं है कि 100 नंबर का स्थान अब 112 नंबर ने ले लिया है, और किसी भी आपातकालीन स्थिति में इस नए नंबर पर संपर्क करना चाहिए।
इसके अलावा, लोगों को अपने क्षेत्र के ए.सी.पी. (सहायक पुलिस आयुक्त) और ए.डी.सी.पी. (अतिरिक्त पुलिस आयुक्त) के बारे में जानकारी का अभाव है, जिसके कारण किसी वारदात के समय सही अधिकारी से संपर्क करने में समस्या आती है। इस स्थिति को सुधारने के लिए, ‘सहयोग’ कार्यक्रम के अंतर्गत, जालंधर की 800 छोटी-बड़ी एसोसिएशन और सोसायटियों को शामिल किया गया है। इन एसोसिएशन और सोसायटियों के प्रधानों और पदाधिकारियों को पुलिस अधिकारी इस कार्यक्रम के दौरान जागरुक करेंगे, ताकि वे अपने सदस्यों को भी पुलिस द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी दे सकें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को पुलिस के प्रति अधिक जागरुक और विश्वस्त बनाना है, ताकि वे किसी भी समस्या के समय सही निर्णय ले सकें और पुलिस का सही समय पर सहयोग प्राप्त कर सकें।
इस कार्यक्रम के माध्यम से, पुलिस और जनता के बीच विश्वास की एक नई लहर पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे न केवल कानून और व्यवस्था को बेहतर किया जा सकेगा, बल्कि एक सुरक्षित और सहयोगी समाज का निर्माण भी संभव हो सकेगा।


