लुधियाना। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान सोमवार को लुधियाना दौरे पर पहुंचे। मुख्यमंत्री मान और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को यहां विरोध का सामना करना पड़ा।
हैबोवाल इलाके में आप नेताओं की कार्यकर्ताओं के साथ पब्लिक मीटिंग चल रही थी। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ अरविंद केजरीवाल भी थे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसी दौरान दंगा पीड़ितों ने सीएम भगवंत सिंह मान से मिलने की इच्छा जताई, लेकिन पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। हालांकि दंगा पीड़ित उक्त हॉल में पहुंच गए जहां सीएम भगवंत मान लोगों को संबोधित कर रहे थे। वहीं उन्होंने सीएम भगवंत मान को आवाज लगाना शुरू कर दी। यह देख सभी हैरान हो गए और वहां काफी हंगामा हो गया।
दंगा पीड़ित एसोसिएशन के सुरजीत सिंह और उनकी महिला साथियों ने वहां नारेबाजी की और सीएम से मिलने की इच्छा जताई। मगर पुलिस वालों ने उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी तो वहां चीखना चिल्लाना शुरू हो गया। पुलिस मुलाजिमों ने सभी को काबू किया और बाहर की ओर धकेलते हुए ले गए। इस दौरान दंगा पीड़ितों ने पंजाब पुलिस के साथ-साथ पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सीएम से मिल अपनी मांगे जल्द पूरी करने के लिए कहा।
सुरजीत सिंह ने कहा कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी कुछ मांगे थी जो पंजाब सरकार को पूरी करनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री समय नहीं दे रहे और पंजाब सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं कर रही। सुरजीत सिंह ने बताया कि शहर में 25 हजार दंगा पीड़ित परिवार रहते हैं। जिन्हें घर अलाटमेंट होने हैं और काम के लिए बूथ अलाटमेंट होने है। नौजवानों को नौकरी देनी है और बच्चों की बीए तक की फ्री पढ़ाई की मांग के साथ साथ मेडिकल और नॉन मेडिकल में दो प्रतिशत कोटा बहाल करने की मांग थी। इसके अलावा विधानसभा में सिख कत्लेआम के लिए निंदा प्रस्ताव लाना था, जो पंजाब सरकार उनकी मांग पूरी नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि वह फिर से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मिलने की कोशिश करेंगे ताकि हाईकोर्ट की तरफ जो आदेश जारी किए गए है, उसे उन्हें दिखा अपनी मांगे पूरी करवाई जा सके।


