पंजाब में किसानों के रेल रोको आंदोलन का आज तीसरा दिन है। प्रदेश में 13 स्थानों पर किसान रेल ट्रैकों पर धरना दे रहे हैं, वहीं इस आंदोलन से कई ट्रेनें रद्द कर दी गई है, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कत हो रही है। वहीं फिरोजपुर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया गया है। रेल डिवीजन फिरोजपुर के प्रबंधक संजय साहू ने किसानों से अपील की है कि वे उनके ट्रेनें रोकने से गरीब वर्ग के लोग परेशान हो रहे हैं। किसान संगठनों को आम लोगों का ध्यान रखना चाहिए। किसान संगठनों ने 13 स्थानों पर धरना देकर रेलमार्ग ठप रखा है। पंजाब में मानांवाला-जंडियाला के रेलवे फाटक (अमृतसर), जालंधर कैंट स्टेशन, फिरोजपुर छावनी स्टेशन, गोलेहवाला स्टेशन, फाजिल्का स्टेशन, मल्लांवाला स्टेशन, तलवंडी भाई, मोगा रेलवे स्टेशन, अजीतवाल, गुरदासपुर रेलवे स्टेशन, होशियारपुर स्टेशन, तरनतारन स्टेशन और मजीठा स्टेशन पर किसानों का धरना चल रहा है।
सुनाम में ट्रैक पर महिलाएं भी बैठीं
सुनाम ऊधम सिंह वाला में भारतीय किसान यूनियन एकता (आजाद) के नेतृत्व में हजारों किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। महिला नेता बलजीत कौर ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि पंजाब और केंद्र उनकी मांगें तुरंत लागू करें। नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल और मनजीत नियाल ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र से संबंधित मांगों को पूरा करने के बजाय श्रमिकों को कृषि क्षेत्र से बाहर धकेलने वाली नीतियों में कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में खड़ी है। इससे साफ है कि भाजपा सरकार की नीतियां ही नहीं बल्कि उसकी नीयत भी खोट वाली है। प्रांतीय नेता दिलबाग सिंह हरिगढ़ और महिला नेता गुरप्रीत कौर ने कहा कि पंजाब में तीन दिवसीय रेल रोको आंदोलन सफल रहा है। हर जगह लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शनिवार को पंजाब में तीन अन्य जगहों समराला, मलोट और फरीदकोट में रेल जाम किया गया है। इसके अलावा हरियाणा के अंबाला में भी आज रेल ट्रैक जाम है। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित राज्यों को 50,000 हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज जारी करने, खरीद गारंटी कानून लागू करने और सभी फसलों के लिए एमएसपी तय करने की मांग की। दिल्ली मोर्चे के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारों को नौकरी और मुआवजा देना, रोजगार की मांग पूरी करना, किसानों-मजदूरों का कुल कर्ज बिना शर्त खत्म करना, लखीमपुर नरसंहार के दोषियों को सख्त सजा देने के साथ-साथ वहां बसे लोगों को मालिकाना हक देने, भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहीत की जाने वाली जमीनों की दरें 6 गुना बढ़ाने की मांग रखी। किसान नेताओं ने कहा कि अगले चरण में 23 और 24 अक्तूबर को उत्तर भारतीय राज्यों में कॉरपोरेट घरानों और बीजेपी सरकार के बड़े-बड़े पुतले बनाकर और ब्लॉक स्तर पर बड़ी सभाओं में पुतले फूंककर किसान दशहरा मनाया जाएगा. इस संघर्ष को तेज करने के लिए 11 अक्तूबर को अंबाला में बैठक कर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
सुनाम ऊधम सिंह वाला में भारतीय किसान यूनियन एकता (आजाद) के नेतृत्व में हजारों किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। महिला नेता बलजीत कौर ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि पंजाब और केंद्र उनकी मांगें तुरंत लागू करें। नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल और मनजीत नियाल ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र से संबंधित मांगों को पूरा करने के बजाय श्रमिकों को कृषि क्षेत्र से बाहर धकेलने वाली नीतियों में कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में खड़ी है। इससे साफ है कि भाजपा सरकार की नीतियां ही नहीं बल्कि उसकी नीयत भी खोट वाली है। प्रांतीय नेता दिलबाग सिंह हरिगढ़ और महिला नेता गुरप्रीत कौर ने कहा कि पंजाब में तीन दिवसीय रेल रोको आंदोलन सफल रहा है। हर जगह लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शनिवार को पंजाब में तीन अन्य जगहों समराला, मलोट और फरीदकोट में रेल जाम किया गया है। इसके अलावा हरियाणा के अंबाला में भी आज रेल ट्रैक जाम है। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित राज्यों को 50,000 हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज जारी करने, खरीद गारंटी कानून लागू करने और सभी फसलों के लिए एमएसपी तय करने की मांग की। दिल्ली मोर्चे के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारों को नौकरी और मुआवजा देना, रोजगार की मांग पूरी करना, किसानों-मजदूरों का कुल कर्ज बिना शर्त खत्म करना, लखीमपुर नरसंहार के दोषियों को सख्त सजा देने के साथ-साथ वहां बसे लोगों को मालिकाना हक देने, भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहीत की जाने वाली जमीनों की दरें 6 गुना बढ़ाने की मांग रखी। किसान नेताओं ने कहा कि अगले चरण में 23 और 24 अक्तूबर को उत्तर भारतीय राज्यों में कॉरपोरेट घरानों और बीजेपी सरकार के बड़े-बड़े पुतले बनाकर और ब्लॉक स्तर पर बड़ी सभाओं में पुतले फूंककर किसान दशहरा मनाया जाएगा. इस संघर्ष को तेज करने के लिए 11 अक्तूबर को अंबाला में बैठक कर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।


