मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरिमंदिर साहिब की जगह क्यों टेका गुरुद्वारा 6वीं पातशाही में माथा? जाने वजह….

गुरु नानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री भगवंत मान अमृतसर पहुंचे थे। हालांकि उन्होंने हरिमंदिर साहिब के बजाए रंजीत एवेन्यू स्थित गुरुद्वारा 6वीं पातशाही में माथा टेका।

अमृतसर/संवाद न्यूज

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को श्री गुरु नानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व पर रंजीत एवेन्यू स्थित गुरुद्वारा 6वीं पातशाही में माथा टेका। वह गुरुद्वारा साहिब में करीब 25 मिनट तक रहे। इस दौरान उन्होंने कीर्तन श्रवण किया, रूमाला साहिब भेंट किया और प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने गुरु साहिब के प्रकाश पर्व की समूह विश्व के लोगों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब ने मानवता का संदेश दिया और लाखों किलोमीटर पैदल यात्रा करके नाम जपो, वंड छको और किरत करो का संदेश दिया था। उन्होंने मलिक भागो और भाई लालू की रोटियो में फर्क बताया कि कौन सी हराम की है, कौन सी हलाल की है और कौन सी सच की कमाई की है।

सीएम मान ने कहा कि आज के दिन लाखों श्रद्धालु हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में माथा टेकने के लिए पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसलिए वह वहां जाने की बजाए गुरुद्वारा 6वीं पातशाही में माथा टेकने के लिए पहुंचे हैं। गुरु साहिब ने कई सदियों पहले ही लिख दिया था कि पवन गुरु, पानी पिता और धरती माता है। गुरु साहिब ने हवा को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया था और इनका यह दर्जा कायम रखना हम सभी का फर्ज बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब हम सभी को सद्बुद्धि दे कि हम उनकी लिखी हुई प्रेरणाओं पर चल सके। इस दौरान उन्होंने कोई भी राजनीतिक बात करने से इनकार कर दिया और कहा कि गुरु साहिब के जन्म दिवस पर वह कोई राजनीतिक बात नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि गुरु नानक साहिब जी की तस्वीर आज हर घर में लगी हुई है। उनकी शिक्षाएं आज हर घर में है। सतगुरु नानक प्रगटेया, मिटी धुंध जग चानण होया के तहत सभी घर दीयो से जगमगाते रहे यही उनकी प्रार्थना है।

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