मनु भाकर ने रचा इतिहास: पेरिस ओलंपिक में जीते 2 मेडल

ओलंपिक में 2 मेडल

नई दिल्ली: भारत की लाडली मनु भाकर ने ओलंपिक में दो मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर मिक्स्ड टीम इवेंट में सरबजीत सिंह के साथ मिलकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह मनु भाकर का पेरिस ओलंपिक में दूसरा मेडल है। मनु इसके साथ ही ओलंपिक इतिहास में ऐसी पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने एक ही ओलंपिक में 2 मेडल जीते हैं। मनु ने रविवार को 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। मनु भाकर और सरबजोत सिंह का मंगलवार को पेरिस ओलंपिक के 10 मीटर मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल के लिए दक्षिण कोरिया की ली वोन्हो और ओह ये जिन से मुकाबला हुआ। भारतीय जोड़ी ने इस इवेंट में दक्षिण कोरिया की जोड़ी को 16-10 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

ओलंपिक में दूसरा मेडल

मनु भाकर से पहले ओलंपिक इतिहास में सिर्फ दो भारतीय खिलाड़ी ही ऐसे हुए हैं, जिन्होंने इंडिविजुअल इवेंट में दो मेडल जीते हैं। सुशील कुमार ने 2008 और 2012 में कुश्ती में मेडल जीते थे। इसी तरह स्टार शटलर पीवी सिंधु ने 2016 और 2020 में मेडल जीते हैं। लेकिन मनु भाकर पहलवान सुशील कुमार और शटलर पीवी सिंधु से इस मामले में आगे निकल गई हैं कि उन्होंने अपने दोनों मेडल एक ही ओलंपिक में जीते हैं।

अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया

मनु भाकर की इस शानदार सफलता ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया है। उन्होंने न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है बल्कि अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से एक नया इतिहास लिखा है। मनु भाकर की इस उपलब्धि से भारतीय खेलों को नई दिशा मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।

ओलंपिक सफर किसी प्रेरणादायक कहानी

मनु भाकर का ओलंपिक सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। 23 साल की मनु भाकर ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन किया है। पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीतकर मनु ने यह साबित कर दिया है कि अगर दृढ़ संकल्प और मेहनत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

 

सरबजोत सिंह के साथ उनकी जोड़ी ने 10 मीटर मिक्स्ड टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन किया और दक्षिण कोरिया की जोड़ी को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने अपने विरोधियों को मात देने के लिए जबरदस्त रणनीति और टीमवर्क का प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय शूटरों के लिए एक नया मानक स्थापित किया है।

 

मनु भाकर ने अपने खेल के प्रति जो समर्पण दिखाया है, वह हर किसी के लिए एक मिसाल है। उनकी सफलता का सफर उनके कड़ी मेहनत और अपने खेल के प्रति अद्वितीय समर्पण का नतीजा है। उन्होंने अपनी लगन और मेहनत से न केवल अपने परिवार और कोच को गर्वान्वित किया है बल्कि पूरे देश को गर्व महसूस कराया है।

 

मनु भाकर की इस सफलता से भारतीय खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी इस उपलब्धि की तारीफ कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, खेल मंत्री और अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी मनु भाकर को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है।

 

मनु भाकर की यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है बल्कि भारतीय खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे देश में शूटिंग खेल को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा और नए खिलाड़ी इस खेल में अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। मनु भाकर ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि भारतीय खिलाड़ी किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।

 

इससे पहले भी मनु भाकर ने कई प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है और कई मेडल जीते हैं। लेकिन पेरिस ओलंपिक में उनकी यह उपलब्धि उनके करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर है। उनकी इस सफलता ने न केवल उन्हें एक नई ऊँचाई पर पहुँचाया है बल्कि भारतीय खेलों को भी एक नई दिशा दी है।

 

मनु भाकर की इस सफलता का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत, उनके कोच और उनके परिवार को भी जाता है जिन्होंने उन्हें हमेशा समर्थन दिया और उनके हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे। मनु भाकर ने अपनी इस सफलता से यह साबित कर दिया है कि अगर हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हमें कड़ी मेहनत, समर्पण और अपने सपनों पर विश्वास रखना चाहिए।

 

मनु भाकर की यह सफलता आने वाले समय में और भी कई खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और वे भी मनु की तरह अपनी मेहनत और लगन से अपने सपनों को साकार करेंगे। मनु भाकर ने अपने इस प्रदर्शन से भारतीय खेलों को एक नई दिशा दी है और आने वाले समय में हमें उनसे और भी कई शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।

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