ढाका, 05 अगस्त:-बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा भूचाल आया है, जब प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और कथित तौर पर देश छोड़कर भारत चली गईं। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने बांग्लादेश को गहरे संकट में डाल दिया है, और देश में एक अंतरिम सरकार के गठन की तैयारी की जा रही है। बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने सोमवार को एक टेलीविजन संबोधन के माध्यम से यह घोषणा की, जिसमें उन्होंने देशवासियों से संयम बनाए रखने की अपील की और आश्वासन दिया कि सेना शांति और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
शेख हसीना अपनी बहन के साथ एक सैन्य हेलीकॉप्टर में सवार होकर भारत के लिए रवाना
रिपोर्टों के मुताबिक, 76 वर्षीय शेख हसीना अपनी बहन के साथ एक सैन्य हेलीकॉप्टर में सवार होकर भारत के लिए रवाना हो गईं। इस खबर ने देशभर में सनसनी फैला दी है, खासकर राजधानी ढाका में जहां भेदभाव विरोधी प्रदर्शनों की आग और भी भड़क उठी है। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे छात्र, सरकार के भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं, और हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि अब तक लगभग 90 लोगों की जान जा चुकी है।
ये प्रदर्शन अब बांग्लादेश के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर रहे हैं
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया है, लेकिन इसके बावजूद छात्रों के विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्होंने “ढाका तक मार्च” का आयोजन किया है, जो देश के विभिन्न हिस्सों से होते हुए राजधानी की ओर बढ़ रहा है। ये प्रदर्शन अब बांग्लादेश के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर रहे हैं, और आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नजरें भी बांग्लादेश पर टिकी हैं, जहां स्थिति हर घंटे बदल रही है। अब देखना यह होगा कि अंतरिम सरकार कैसे देश को इस संकट से बाहर निकालने का प्रयास करती है, और शेख हसीना का भारत में भविष्य क्या होगा।


