अनजाने में पाकिस्तान चले गए फाजिल्का के किसान अमृतपाल की 8 महीने बाद घर वापसी तय, परिवार में खुशी की लहर

शब्द, फाजिल्का, 9 फरवरी: फाजिल्का जिले के सीमावर्ती गांव खैरके उत्तर निवासी किसान अमृतपाल, जो 21 जून 2025 को अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान चले गए थे, उनकी करीब 8 महीने बाद वतन वापसी तय मानी जा रही है। अमृतपाल के पिता जग्गराज सिंह ने बताया कि उनका बेटा खेतों में चूहों को बेहोश करने के लिए दवाई का छिड़काव कर रहा था। दवाई के असर से उसे चक्कर आ गया और अर्धबेहोशी की हालत में वह गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान की ओर चला गया, जहां पाकिस्तानी रेंजर्स ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद पाकिस्तानी पुलिस ने सीमा उल्लंघन का मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने अमृतपाल को एक माह की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने का आदेश सुनाया। सजा के बाद अमृतपाल को पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में रखा गया। इधर, उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और स्थानीय प्रशासन लगातार फ्लैग मीटिंग और कूटनीतिक वार्ताओं के जरिए उसकी रिहाई के प्रयास में जुटे रहे। हाल ही में पंजाब के सात अन्य कैदियों की सजा पूरी होने के बाद उनकी रिहाई हुई, जिसके बाद अमृतपाल के मामले को भी मंजूरी मिल गई। शुक्रवार को भारतीय दूतावास से हरी झंडी मिलने के बाद उसकी रिहाई की प्रक्रिया तेज हो गई है और किसी भी समय उसकी भारत वापसी संभव है। रिहाई की खबर मिलते ही फाजिल्का सेक्टर में सुरक्षा व प्रशासनिक गतिविधियां तेज कर दी गईं, वहीं परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। अमृतपाल के पिता जग्गराज सिंह के अनुसार, 4 फरवरी को पाकिस्तान जेल से बेटे का फोन आया था, जिसमें उसने बताया कि दूतावास से उसकी फाइल क्लियर हो चुकी है और जल्द ही उसे रिहा किया जा सकता है। लंबे इंतजार और अनिश्चितता के बाद अमृतपाल की सुरक्षित वापसी की उम्मीद ने पूरे परिवार को राहत की सांस दी है।

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