युवतियों का कहना है कि एसएचओ का असली चेहरा अब सबके सामने आना चाहिए और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके पास कई कॉल रिकार्डिंग्स भी हैं, जिनमें एसएचओ के आपत्तिजनक कॉल्स दर्ज हैं। एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि भूषण कुमार सरकारी गाड़ी में सायरन बजाकर उसके घर पहुंचा और पति को थाने बुलाने की धमकी दी। बाद में उसने उसका मोबाइल नंबर लेकर रोजाना फोन कर मिलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद सस्पेंड हुआ
इससे पहले एक नाबालिग पीड़िता और उसकी मां ने आरोप लगाया था कि फिलौर थाने के तत्कालीन एसएचओ भूषण कुमार ने मदद करने की बजाय खुद उनके साथ दुर्व्यवहार किया। मामला जब सोशल मीडिया और अखबारों के माध्यम से सामने आया, तो एसएसपी ने भूषण कुमार को पहले लाइन हाजिर किया और बाद में महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद सस्पेंड कर दिया।
पुलिस पर बयान बदलवाने का दबाव बनाने का आरोप
पीड़िता के परिजनों और ‘लोक इंसाफ मोर्चा’ ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि जब तक भूषण कुमार के खिलाफ POCSO एक्ट और यौन शोषण की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज नहीं होता, वे चुप नहीं बैठेंगे। पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया कि मेडिकल जांच कराने गई महिला अधिकारी ने उन्हें मामले को दबाने की धमकी दी, जबकि कुछ अधिकारियों पर बयान बदलवाने का दबाव बनाने के भी आरोप हैं।
कानून के मुताबिक होगी कार्रवाई-डीएसपी सरवण सिंह
फिलौर मामले को लेकर जब डीएसपी सरवण सिंह बल से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि पीड़िता को पूरा इंसाफ दिया जाएगा और किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूषण कुमार के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। तीन युवतियों के नए आरोपों पर डीएसपी ने कहा कि उनके पास फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है, लेकिन जैसे ही कोई शिकायत प्राप्त होगी, पूरी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
