नई दिल्ली, 29 अप्रैल: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही को तुरंत बहाल करने की जोरदार मांग उठाई है। भारत ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और मानवीय सहायता श्रृंखलाओं पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ‘समुद्री क्षेत्र में जलमार्गों की सुरक्षा और संरक्षण’ विषय पर आयोजित खुली बहस के दौरान भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने कहा कि यह क्षेत्र भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और अन्य जरूरी सामान का परिवहन होता है। भारत ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है, ताकि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा प्रवाह और आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित न हों। भारत के इस बयान को वैश्विक स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को लेकर एक अहम संदेश माना जा रहा है।
