पंजाब को दहलाने की साजिश फेल : सीमा पार से जुड़े 2 अपराधी गिरफ्तार, IED बरामद; सार्वजनिक ढांचे को निशाना बनाने की थी तैयारी

मोहाली पंजाब पुलिस ने सीमा पार से चल रहे आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) मोहाली ने विदेश में बैठे एक आतंकी ऑपरेटिव के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई का खुलासा पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने किया। उन्होंने बताया कि SSOC टीम ने आरोपियों को पकड़ा है। ऑपरेशन के दौरान एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी बरामद की गई।

अभी तक की जांच में सामने आया है कि इनके द्वारा सार्वजनिक ढांचे को निशाना बनाने की साजिश थी, जिसे नाकाम कर दिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा सुरक्षा खतरा टल गया। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियां साजिश से जुड़े हैंडलर्स, सहयोगियों और पूरे आतंकी नेटवर्क के संबंधों का पता लगाने में जुटी हैं। पंजाब पुलिस ने कहा कि वह आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने, संगठित अपराध पर अंकुश लगाने और राज्य में शांति व जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पुलिस द्वारा बरामद की गई आईडी।
पुलिस द्वारा बरामद की गई आईडी।

2022 में पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर हुआ था RPG अटैक

मोहाली में पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर 9 मई 2022 को आरपीजी (RPG) हमला हुआ था, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। मामले में अब तक पाकिस्तान और कनाडा में बैठे आतंकियों, स्थानीय गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ हो चुका है।

केंद्रीय एजेंसियां मुख्य शूटर दीपक रंगा को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से और मुख्य साजिशकर्ता चढ़त सिंह को मुंबई से गिरफ्तार कर चुकी हैं। इसके अलावा कई अन्य आरोपियों को भी जेल भेजा जा चुका है। जांच में पता चला कि इस हमले की मुख्य साजिश पाकिस्तान में छिपे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और कनाडा में बैठे लखबीर सिंह लांडा (बब्बर खालसा इंटरनेशनल) ने रची थी, जिनकी संपत्तियां भी कुर्क की जा चुकी हैं।

मोहाली की विशेष अदालत में इस मामले पर लगातार कानूनी कार्रवाई चल रही है, जहां जेल में बंद मुख्य आरोपियों गुरपिंदर पिंदा, निशांत सिंह और विकास कुमार समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई और गवाही की प्रक्रिया जारी है।

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