रातभर चला ED का ऑपरेशन : AAP सांसद पर ED की रेड खत्म 24 घंटे बाद टीमें लोटीं; अशोक मित्तल के 9 ठिकानो पर छापेमारी

जालंधर- पंजाब से आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर अशोक मित्तल के 9 ठिकानों पर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की रेड आज खत्म हो गई। टीमों ने बुधवार सुबह 7:30 बजे जालंधर, फगवाड़ा और गुरुग्राम में उनके घर, लवली स्वीट्स, लवली ऑटोज और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक साथ दबिश दी थी।

गुरुवार सुबह करीब 8:15 बजे जांच टीमें उनके ठिकानों से बाहर निकलीं। सूत्रों के अनुसार, ED ने अशोक मित्तल और उनके बेटे से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की है। इस रेड को मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद पंजाब की सियासत भी गरमा गई है। AAP व BJP के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

अशोक पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर हैं। 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे। ED की रेड की टाइमिंग बहुत अहम मानी जा रही है। पंजाब में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसी वजह से AAP इसे चुनाव से जोड़ रही है।

मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ा जा रहा मामला ED ने अभी तक इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। जांच का दायरा अशोक मित्तल के साथ उनके बेटे के कारोबारी लेन-देन तक भी पहुंचा।

रेड को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘मोदी स्टाइल’ बताते हुए कहा कि भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके जवाब में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पलटवार करते हुए ‘आप’ को चोरों की पार्टी करार दिया और कहा कि यह ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत गंदगी की सफाई है।

राघव चड्ढा के एंगल से गरमाई राजनीति इस पूरे घटनाक्रम में दिल्ली के ‘आप’ नेता सौरभ भारद्वाज के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भारद्वाज ने दावा किया कि इस छापेमारी के पीछे सांसद राघव चड्ढा का हाथ हो सकता है। गौरतलब है कि 12 दिन पहले ही राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाकर अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

अशोक मित्तल की जालंधर कैंट स्थित कोठी।
अशोक मित्तल की जालंधर कैंट स्थित कोठी।

कौन हैं अशोक मित्तल

अशोक मित्तल के पिता बलदेव राज मित्तल ने 1961 में 500 रुपए का कर्ज लेकर जालंधर कैंटोंमेंट एरिया में एक मिठाई की दुकान खोली थी। इसका नाम लवली स्वीट हाउस रखा। सबसे पहले 1968 में बड़े बेटे रमेश मित्तल ने पिता के इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 11वीं के बाद पढ़ाई ही छोड़ दी।

इसके बाद 1977 में दूसरे बेटे नरेश भी व्यवसाय से जुड़ गए। देखते ही देखते लवली स्वीट फेमस हो गई। 1986 में ये जालंधर की सबसे प्रतिष्ठित और बड़ी मिठाई की दुकान हो गई। 1984 में अशोक ने भी पिता के व्यवसाय में कदम रख दिया। 2004 में बलदेव राज मित्तल का निधन हो गया था।

1991 में ऑटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार शुरू किया

अशोक पढ़ाई के साथ-साथ पिता की मिठाई के दुकान पर भी काम करते थे। वह अपने बड़े भाई की मदद करते थे। पढ़ाई पूरी हुई तो 1991 में अशोक ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार शुरू किया। बजाज कंपनी की डीलरशिप ले ली। 1996 में मारुति सुजुकी की डीलरशिप ली। देखते ही देखते अशोक पंजाब के टॉप ऑटोमोबाइल डीलर बन गए।

3.5 एकड़ जमीन लेकर कॉलेज की स्थापना की 2001 में अशोक ने फगवाड़ा में 3.5 एकड़ जमीन लेकर कॉलेज की स्थापना की। 2005 में लवली कॉलेज को प्राइवेट यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल गया। अब ये लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के नाम से पूरी दुनिया में जानी जाती है।  करीब 50 देशों के 40 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं यहां पढ़ते हैं। अब इसका 600 एकड़ में विस्तार हो चुका है। 3600 से ज्यादा शिक्षक यहां पढ़ाते हैं। लवली ग्रुप का सालाना टर्न ओवर करीब 850 करोड़ का हो गया है।

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