जालंधर- जालंधर की तरह अमृतसर में भी बीएसएफ हेडक्वार्टर के सामने मंगलवार रात धमाका हुआ। दोनों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के इस्तेमाल की बात कही जा रही है। गनीमत यह रही कि इन दोनों धमाकों में किसी को चोट नहीं लगी है।
जालंधर में पीएपी चौक के पास रात 7:57 बजे स्कूटी के पास धमाका हुआ। सूत्रों के मुताबिक, एक आतंकी पीएपी चौक की ओर से रॉन्ग साइड से पैदल आता दिखा। वह सीधे उस स्थान तक पहुंचा, जहां फुटपाथ पर एक्टिवा खड़ी थी। युवक ने पॅलीथीन में लिपटा पैकेट वहां छोड़ा और बस अड्डे की ओर दौड़ लगा दी। इसके कुछ सेकेंड में धमाका हो गया।
एजेंसियों को आशंका है कि आगे उसका साथी इंतजार कर रहा था और वह किसी वाहन में बैठकर भाग गया। फोरेंसिक टीम को मौके से बम के फटे हिस्से मिले हैं। आज CM भगवंत मान जालंधर आने वाले हैं। उससे पहले यह वारदात हो गई। वहीं, अमृतसर में बीएसएफ हेडक्वार्टर खासा के गेट नंबर 5 और 6 के बाहर भी रात करीब 11 बजे धमाका हुआ।
एजेंसियां मामलों की जांच में जुट गई है। जालंधर में धमाका जिस एक्टिवा में हुआ वह बीएसएफ के पूर्व जवान कश्मीर सिंह (गांव गढ़ा) की है। उनका इकलौता बेटा गुरप्रीत सिंह कूरियर बॉय का काम करता है। वह रात को एक्टिवा खड़ी कर हेडक्वार्टर के अंदर पार्सल देने गया था। गुरप्रीत को पुलिस ने बीएसएफ हेडक्वार्टर में हिरासत में ले लिया है।

CP बोलीं- स्कूटी में आग लगने के बाद विस्फोट हुआ
जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने कहा- स्कूटी में आग लगने के बाद ही विस्फोट हुआ है। अभी यही जानकारी मिली है। स्कूटी पर दो लड़के आए थे दोनों लड़कों को पुलिस और सिक्योरिटी फोर्सज ने हिरासत में रखा है। फॉरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं।
जब CP से पूछा गया कि क्या दोपहर को उक्त क्राइम सीन एरिया पर ब्लास्ट का अलर्ट आया था? उनका जवाब था- तो…? फिर उनसे पूछा कि आपने सर्च करवाया, तब भी ब्लास्ट हो गया? इस पर भी CP बोलीं- तो…? इसके बाद वह चली गईं।
मैं इंतजार कर रहा था, थोड़ी देर में धमाका
डिलीवरी बॉय गुरप्रीत सिंह उर्फ क्रिस ने पुलिस पूछताछ में बताया- मैं पार्सल देने नहीं, बल्कि लेने आया था। मैंने एक्टिवा फुटपाथ पर खड़ी की और गेट पर पार्सल देने के लिए फौजी को कॉल किया। मैं इंतजार कर रहा था, तभी एक युवक पास से निकला। कुछ देर बाद धमाका हो गया।
उसने बताया- मैं घबराकर गेट की ओर भागा। बीएसएफ कर्मी मौके पर पहुंचे। धमाके में एक्टिवा की नंबर प्लेट उछलकर गिर गई और स्कूटी में आग लग गई। इसके बाद पुलिस ने मुझे हिरासत में लिया। एक महिला अधिकारी ने खुद को एसपी बताया और मुझे अंदर ले जाया गया। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
पिता बोले- वह एक फौजी का बेटा है, आतंकी नहीं हो सकता
गुरप्रीत के पिता कश्मीर सिंह ने कहा कि उनका 22 वर्षीय बेटा 3 महीने पहले ही इस काम पर लगा था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा पूरी तरह बेगुनाह है और उन्हें उससे मिलने नहीं दिया जा रहा। उनका कहना है कि एक फौजी का बेटा कभी देश के खिलाफ नहीं जा सकता। वह आतंकी नहीं हो सकता।
रिटायर्ड कर्मी के मोहल्ला पहुंची जांच टीम, लोगों में दहशत
रात में ही जांच एजेंसियां बीएसएफ से रिटायर्ड कश्मीर सिंह के गढ़ा स्थित सड़क मोहल्ला पहुंचीं। यहां गुरप्रीत के बारे में जानकारी जुटाई गई। पता चला कि वह अपने ममेरे भाई को घर छोड़कर सीधे बीएसएफ चौक आया था। जांच के बाद टीम वापस लौट गई।
यह स्लीपर सेल का पुराना तरीका
जालंधर में बीएसएफ चौक से 50 मीटर दूर पुलिस बूथ है, जहां सर्च टीम मौजूद थीं। धमाके वाली जगह पर शाम के समय आमतौर पर भीड़ रहती है। लुधियाना और अमृतसर रूट की बसें यहां रुकती हैं। एजेंसियों का मानना है कि बड़ी आतंकी साजिश की तैयारी थी, लेकिन उस समय कोई बस खड़ी नहीं थी। दो कारें चपेट में आई, जो वहां से गुजर रही थीं।
पिछले दो वर्षों में आतंकी वारदात में आईईडी का उपयोग बढ़ा है। जालंधर में हुए ब्लास्ट में भी शुरुआती इनपुट आईईडी के ही हैं। यह पंजाब में सक्रिय स्लीपर सेल्स का पुराना तरीका रहा है। पंजाब में उग्रवाद के दौर में कार या स्कूटर बम की कई घटनाएं होती थीं। इसे भीड़ वाली जगह पर लगाया जाता था। इसके बाद आतंकियों ने यह तरीका दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में इस्तेमाल किया।

