SHABD, AIR दिल्ली, 6 मई — राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़े आतंकी षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए ISIS से जुड़े बायो-टेरर प्लॉट मामले में डॉक्टर समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह साजिश सार्वजनिक स्थानों पर ‘रिकिन’ जैसे घातक जैविक विष का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में लोगों को जहर देने की थी। मुख्य आरोपी हैदराबाद निवासी सैयद अहमद मोहिउद्दीन के साथ उत्तर प्रदेश के आज़ाद और मोहम्मद सुहेल को अहमदाबाद स्थित NIA विशेष अदालत में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी विदेशी ठिकानों पर बैठे ISIS हैंडलर्स के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर युवाओं की भर्ती, आतंक फैलाने और बायो-टेरर हमले की तैयारी कर रहे थे। सह-आरोपियों की भूमिका में फंडिंग का प्रबंधन, रेकी करना, अवैध हथियारों की व्यवस्था और लगातार संपर्क बनाए रखना शामिल था। NIA के अनुसार, यदि यह साजिश सफल हो जाती तो बड़े पैमाने पर जनहानि हो सकती थी, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर चुनौती मिलती।
