नई दिल्ली, 1 मई, 2026:** वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को संतुलित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्र सरकार ने आज डीजल और विमानन ईंधन (ATF) पर निर्यात शुल्क (Export Duty) में बड़ी कटौती की घोषणा की है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, ये संशोधित दरें आज से ही प्रभावी हो गई हैं। इस निर्णय का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय पेट्रोलियम उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बनाए रखना और तेल कंपनियों को राहत देना है।
विस्तृत जानकारी के अनुसार, सरकार ने डीजल पर निर्यात शुल्क को संशोधित कर **₹23 प्रति लीटर** कर दिया है, जबकि विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर अब **₹33 प्रति लीटर** का शुल्क लागू होगा। उल्लेखनीय है कि पेट्रोल पर निर्यात शुल्क शून्य रखा गया है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके साथ ही, मंत्रालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले मौजूदा उत्पाद शुल्क (Excise Duty) की दरों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय उपभोक्ताओं पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
**पृष्ठभूमि और उद्देश्य:**
* **ऐतिहासिक संदर्भ:** पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न हुई वैश्विक अस्थिरता के बीच, सरकार ने 27 मार्च, 2026 को विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) और सड़क एवं बुनियादी ढांचा उपकर (RIC) लागू किया था।
* **घरेलू उपलब्धता:** इन शुल्कों का प्राथमिक उद्देश्य निर्यात को हतोत्साहित करना था ताकि देश के भीतर पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और घरेलू बाजार में किल्लत की स्थिति पैदा न हो।
* **वर्तमान स्थिति:** वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और इन्वेंट्री स्तरों की समीक्षा के बाद, सरकार ने निर्यात कर ढांचे को उदार बनाने का निर्णय लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात शुल्क में इस कटौती से रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और नायरा एनर्जी (Nayara Energy) जैसी रिफाइनिंग कंपनियों को लाभ होगा, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने उत्पादों का बड़ा हिस्सा बेचती हैं। हालांकि, सरकार ने संकेत दिया है कि वह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू मांग पर निरंतर नजर बनाए रखेगी और आवश्यकतानुसार इन शुल्कों की पाक्षिक (fortnightly) समीक्षा जारी रखेगी। इस कदम को राजकोषीय प्रबंधन और ऊर्जा सुरक्षा के बीच एक सधे हुए संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।
