स्थानीय निवासियों का कहना है कि कूड़े के डंप में अचानक धुआं उठना शुरू हुआ और हवा के तेज झोंकों के कारण आग तेजी से फैल गई। कुछ ही मिनटों में पूरा मैदान आग की चपेट में आ गया, जिससे आसपास की बस्तियों में डर का माहौल पैदा हो गया।

धुएं से जनजीवन अस्त-व्यस्त
आग लगने के कारण आसमान में धुएं के बादल छा गए। इस जहरीले धुएं की वजह से आसपास रहने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ हुई। दृश्यता कम होने के कारण सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस को दी। लोगों को डर था कि यदि आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह पास स्थित रिहायशी मकानों तक भी पहुंच सकती थी।

फायर ब्रिगेड की कार्रवाई
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मियों को भारी मलबे और प्लास्टिक कचरे के कारण काफी मशक्कत करनी पड़ी। कचरे के नीचे सुलग रही आग को बुझाने के लिए पानी की कई बौछारें की गईं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि आबादी वाले क्षेत्रों के पास इस तरह कूड़े का डंप होना खतरनाक है। उन्होंने मांग की है कि इस खाली मैदान की सफाई कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन अभी भी धुएं की गंध बनी हुई है।
