सोशल मीडिया से जुड़ा नेटवर्क
CP गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश शामिल है, जो पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में जेल जा चुका है। जेल से रिहा होने के बाद उसने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित तस्करों आकाश और रेहान से संपर्क बनाया। आरोप है कि अटारी सेक्टर में ड्रोन के माध्यम से हथियारों की खेप भेजी जाती थी, जिन्हें आगे अपराधियों तक पहुंचाया जाता था।

2 पिस्तौल और 6 कारतूस बरामद
सबसे पहले पुलिस ने आकाशदीप सिंह और हरमनदीप सिंह को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो पिस्तौल और छह कारतूस बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आकाशदीप के खुलासे पर एक और पिस्तौल बरामद की गई। आगे की जांच में मनीष सिंह, किशन सिंह और एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया गया। इनके पास से तीन और विदेशी हथियार तथा छह कारतूस मिले।
बेरोजगार युवाओं को पैसों का लालच देकर करते थे नेटवर्क में शामिल
बरामद हथियारों में ऑस्ट्रिया और क्रोएशिया में बने ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल, इटली निर्मित .32 बोर और अमेरिका निर्मित .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी गांवों के बेरोजगार युवाओं को पैसों का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे थे।
