अमेरिका-वैश्विक महाशक्ति अमेरिका की सबसे सुरक्षित इमारत ‘व्हाइट हाउस’ के सुरक्षा घेरे को भेदने की एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने सामने आया है। राजधानी वाशिंगटन डीसी स्थित प्रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स के ठीक बाहर रविवार सुबह एक अज्ञात बंदूकधारी ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और सुरक्षा अलार्म बजने लगे। जिस वक्त यह वारदात हुई, उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद व्हाइट हाउस के भीतर ही मौजूद थे।
हमलावर ने चलाईं करीब 25 गोलियां, सीक्रेट सर्विस ने ऑन-स्पॉट किया ढेर
चश्मदीदों ने बताया कि व्हाइट हाउस कॉम्प्लेक्स के ठीक बाहर 17 स्ट्रीट और पेनसिलवेनिया एवेन्यू नॉर्थवेस्ट के पास अचानक गोलियां चलने की आवाजें आईं। हमलावर ने एक के बाद एक करीब 25 राउंड कड़े फायर किए। गोलीबारी शुरू होते ही यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस के कमांडो और स्नाइपर टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। सुरक्षाबलों ने त्वरित और कड़ाई से जवाबी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध हमलावर पर गोलियां चलाईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
खुद को मसीहा समझता था 21 साल का हमलावर नेसिर बेस्ट
प्राथमिक जानकारियों के मुताबिक, व्हाइट हाउस पर हमला करने वाले इस सिरफिरे व्यक्ति की पहचान 21 वर्षीय नेसिर बेस्ट के रूप में हुई है। ‘न्यूॉर्क पोस्ट’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेसिर बेस्ट मानसिक रूप से बेहद कट्टर और भ्रमित था, जो खुद को ‘यीशु मसीह’ समझता था।
वह अपने पास एक अवैध रिवॉल्वर लेकर चेकपॉइंट की तरफ बढ़ा था और उसने सीधे सुरक्षा घेरे को निशाना बनाने की कोशिश की थी। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की विशेष टीमें इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि इस हमले के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय या घरेलू आतंकी नेटवर्क तो शामिल नहीं है।
स्नाइपर तैनात, प्रेस ब्रीफिंग रूम बंद; वाशिंगटन में हाई-अलर्ट
इस हमले के तुरंत बाद सुरक्षा को देखते हुए पूरे व्हाइट हाउस परिसर को कड़े सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने भारी हथियारों के साथ पूरे नॉर्थ लॉन इलाके को खाली करा लिया और परिसर की छतों व ऊंचे स्थानों पर स्नाइपर तैनात कर दिए गए। आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत व्हाइट हाउस के प्रेस ब्रीफिंग रूम को तुरंत बंद कर दिया गया और वहां मौजूद सभी पत्रकारों को सुरक्षा कारणों से कमरों के भीतर ही रहने के कड़े निर्देश दिए गए।
