नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक अमले को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और चिंताजनक खबर सामने आई है। दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय स्थित मेयर दफ्तर को बम से उड़ाने की एक खौफनाक धमकी मिली है। एक अज्ञात ईमेल के जरिए भेजी गई इस धमकी में न केवल मेयर दफ्तर बल्कि दिल्ली के कई प्रमुख हिंदू मंदिरों और व्यस्त रेलवे ट्रैकों को भी आईईडी (IED) धमाकों से दहलाने की खुली चेतावनी दी गई है। इस धमकी भरे इनपुट के सामने आने के बाद से ही दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल और देश की खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजा गया धमकी भरा ईमेल
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह धमकी भरा ईमेल बुधवार देर रात मेयर सचिवालय के आधिकारिक इनबॉक्स में प्राप्त हुआ था। ईमेल भेजने वाले ने खुद को कथित तौर पर ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ नामक संगठन का कमांडर बताया है।
ईमेल की भाषा बेहद आपत्तिजनक और डराने वाली है, जिसमें लिखा गया है कि राजधानी के भीतर महत्वपूर्ण प्रशासनिक और धार्मिक स्थलों को बहुत जल्द सिलसिलेवार बम धमाकों से निशाना बनाया जाएगा। इस ईमेल के सार्वजनिक होते ही सिविक सेंटर स्थित नगर निगम मुख्यालय में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों को इसकी विधिक सूचना दी गई।
मेयर दफ्तर और प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाई गई, बम निरोधक दस्ता मुस्तैद
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है। मेयर दफ्तर, मेयर के आधिकारिक आवास और सिविक सेंटर परिसर के आसपास विधिक सुरक्षा घेरे को कई गुना मजबूत कर दिया गया है।
इसके साथ ही, ईमेल में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने की बात कहे जाने के कारण दिल्ली के झंडेवालान मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर और कालकाजी मंदिर जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय थानों की पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की टीमें लगातार संदिग्ध वाहनों और लावारिस वस्तुओं की सघन चेकिंग कर रही हैं।
रेलवे ट्रैक की निगरानी के लिए RPF और GRP अलर्ट
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ईमेल में ट्रेनों और रेलवे पटरियों को भी क्षति पहुंचाने की धमकी दी गई है। इसी के मद्देनजर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को सतर्क कर दिया गया है। दिल्ली के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों सहित आउटर ट्रैकों पर गश्त बढ़ा दी गई है। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और साइबर क्राइम विंग इस धमकी भरे ईमेल के डिजिटल फुटप्रिंट को ट्रेस करने में युद्धस्तर पर जुट गई हैं।
अधिकारी वीपीएन और प्रॉक्सी सर्वर के इस्तेमाल की आशंका को ध्यान में रखकर ईमेल के आईपी एड्रेस और मूल सोर्स की बारीकी से तकनीकी जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह किसी शरारती तत्व की पैनिक फैलाने की कोशिश भी हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के मोर्चे पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
