अमृतसर, 12 जुलाई:** अमृतसर की केंद्रीय जेल में महिला कैदियों के पुनर्वास और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा एक विशेष पहल **’प्रोजेक्ट उड़ान’** की शुरुआत की गई है। इस खास अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने जेल परिसर में नवनिर्मित ‘पीएचडीसीसीआई स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ का विधिवत उद्घाटन किया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य महिला कैदियों को सिलाई, कढ़ाई, टेक्सटाइल और फैशन डिजाइनिंग से संबंधित विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक हुनर सिखाना है। पीएचडीसीसीआई के पंजाब स्टेट चैप्टर के चेयरमैन करन गिलहोत्रा ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम का मकसद महिला कैदियों को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाना है, ताकि जेल से रिहा होने के बाद वे समाज में सम्मानजनक तरीके से अपना जीवन यापन कर सकें। वहीं, ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ का नेतृत्व कर रही हिमानी अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि इन महिला कैदियों को आधुनिक फैशन तकनीकों और बाजार की मौजूदा मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनमें आत्मविश्वास पैदा होगा, रचनात्मकता बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से कैदियों का पुनर्वास एक समावेशी समाज की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने इस स्किल डेवलपमेंट सेंटर के लिए सिलाई मशीनें भी भेंट कीं और महिला कैदियों को इस सुनहरे अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस उद्घाटन समारोह में लगभग 200 महिला कैदियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजकों ने यह अटूट विश्वास जताया कि ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ भविष्य में महिला कैदियों के कौशल विकास, रोजगार और समाज में उनके सफल पुनर्वास के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
