जालंधर में अवैध निर्माणों पर चला पीला पंजा: धनाल और रंधावा मसंदान में दो अनाधिकृत व्यावसायिक इमारतें ढहाई गईं

जालंधर- पंजाब सरकार के सख्त दिशा-निर्देशों और आदेशों का पालन करते हुए, जिला नगर योजनाकार (नियामक/Regulatory) विंग ने जालंधर नगर निगम की सीमा से बाहर ग्रामीण इलाकों में चल रहे अवैध व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ विभाग की टीम ने गाँव धनाल और गाँव रंधावा मसंदान में विकसित की जा रही दो अनाधिकृत व्यावसायिक इमारतों को पूरी तरह से ध्वस्त (डिमोलीशन) कर दिया।

जिला नगर योजनाकार ने जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार की हिदायतों के मुताबिक, इन अवैध निर्माणों को पहले ही पापरा एक्ट (PAPRA Act-1995) और पी.आर.टी.ਪੀ.ਡੀ. एक्ट 1995 के तहत नोटिस जारी कर काम रोकने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद, इन व्यावसायिक इमारतों के मालिकों ने सरकारी नियमों की घोर अनदेखी की और कोई स्पष्टीकरण देने के बजाय मौके पर धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी रखा, जिसके बाद उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार यह सख्त प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई गई। इसके साथ ही, जालंधर विकास प्राधिकरण (JDA) के नियामक विंग ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि वे पुड्डा (PUDA) विभाग से गैर-मंजूरशुदा और अवैध कॉलोनियों में किसी भी प्रकार के विज्ञापन के झांसे में आकर प्लॉट या दुकान न खरीदें। वित्तीय नुकसान से बचने के लिए कोई भी संपत्ति खरीदने या निर्माण करने से पहले पुड्डा द्वारा जारी मंजूरी पत्र की मांग अवश्य करें और जेडीए (JDA) अधिकारियों से तालमेल कर प्राधिकृत कॉलोनियों के विवरण की जांच जरूर कर लें।

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