जालंधर के धीना गांव स्थित आर्मी एन्क्लेव में बुधवार को नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। नशा तस्करी के आरोपी अमरजीत सिंह द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे और निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। एटीपी विकास दुआ ने बताया कि आरोपी को कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन वह न तो दफ्तर पेश हुआ और न ही कोई दस्तावेज दिखा पाया।
आरोपी पर दर्ज हैं 10 गंभीर मामले
पुलिस कमिश्नर (CP) धनप्रीत कौर ने मौके पर पहुंचकर बताया कि आरोपी अमरजीत सिंह के खिलाफ पहले से ही 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के 2 और एक्साइज एक्ट के 5 मामले शामिल हैं। प्रशासन की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ छेड़ी गई विशेष मुहिम का हिस्सा है। आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश जारी है।

ऑपरेशन प्रहार-2 से तस्करों में हड़कंप
शहर में नशे और अपराध के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार-2 और युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान तेजी से चल रहा है। सीपी ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों में टीम ने 45 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 19 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी हैं, जिनमें से 16 लोगों को हालिया रेड में पकड़ा गया।

भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद
पुलिस की इस छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 150 ग्राम हेरोइन और ढाई किलो अफीम बरामद की गई है। पुलिस विभाग अब इन तस्करों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स खंगालने में जुटा है, ताकि नशे के पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
बंदूक लाइसेंसों की जांच और कड़ी चेतावनी
नशे के साथ-साथ अवैध हथियारों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने गन हाउस की दुकानों की जांच शुरू कर दी है। सीपी ने स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस केवल उन्हीं को दिए जाएंगे जिन्हें वास्तव में जरूरत है। यदि किसी के पास अवैध हथियार मिलता है या लाइसेंस धारक के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।