जालंधर में 19.10 लाख की फर्जी लूट का सनसनीखेज खुलासा: बीमा क्लेम के लिए खुद रची साजिश, दो आरोपी गिरफ्तार, महिला व पति नामजद

जालंधर :- माननीय श्रीमती धनप्रीत कौर आईपीएस, पुलिस कमिश्नर जालंधर के दिशा-निर्देशों तथा श्री हरिंदर सिंह गिल पीपीएस एडीसीपी सिटी-2 जालंधर और श्री परमिंदर सिंह पीपीएस एसीपी मॉडल टाउन जालंधर की निगरानी में थाना डिवीजन नंबर 7 जालंधर के प्रभारी एसआई बलजिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने 19 लाख 10 हजार रुपये की कथित लूट के मामले का पर्दाफाश करते हुए एक बड़े षड्यंत्र का खुलासा किया है। मामले के अनुसार 6 फरवरी 2026 को एएसआई सतपाल सिंह 252 के पास प्रिय वर्मा पत्नी रमणंद वर्मा निवासी मकान नंबर 192-एल, एफसी मॉडल टाउन जालंधर, हाल निवासी मकान नंबर 158 बैंक एन्क्लेव थाना डिवीजन नंबर 7 जालंधर ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह और उसका पति बैंक से 19 लाख 10 हजार रुपये निकलवाकर किसी को देने के लिए बैग में रखकर एलजी स्टोर के पास ग्राहक सेवा केंद्र टर्मिनल 37 मार्केट अर्बन एस्टेट फेज-2 जालंधर पहुंचे, जहां पीछे से मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उनका बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। इस पर थाना डिवीजन नंबर 7 में केस नंबर 22 दिनांक 06.02.2026 धारा 304(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान विशेष मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने भिमा उर्फ फूल कुमार पुत्र संत राम निवासी गांव ढकोलिया, गांव जंगीघाट, थाना बौंदी, जिला बहराइच (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी किरायेदार कृष्णा नगर गली नंबर 3, खुर्ला किंगरा जालंधर तथा अभि पुत्र राधे श्याम उर्फ घसीटा राम निवासी गांव पट्टी कमालपुर, थाना पखरपुर, जिला बहराइच (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी मकान नंबर 6, खुर्ला किंगरा जालंधर को नामजद कर 13 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को 14 फरवरी 2026 को माननीय अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरी घटना लूट नहीं बल्कि बीमा क्लेम लेने के लिए रची गई साजिश थी। आरोपियों ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रिय वर्मा ने अपने पति रमणंद के साथ मिलकर योजना बनाई कि खाली बैग की झूठी लूट दिखाकर बीमा कंपनी से पैसे क्लेम किए जाएंगे। योजना के तहत प्रिय वर्मा खुद एलजी स्टोर के पास से खाली बैग लेकर मोटरसाइकिल पर बैठी और आरोपियों ने पीछे से उस खाली बैग को छीनकर फरार होने का नाटक किया तथा बाद में बैग सड़क पर फेंक दिया। इस काम के बदले प्रिय वर्मा ने आरोपियों को 7 हजार रुपये दिए, जिन्हें दोनों ने आपस में 3500-3500 रुपये बांट लिए। जब प्रिय वर्मा को लगा कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी पकड़े जा सकते हैं, तो उसने दोनों आरोपियों को जालंधर से भगा दिया। पुलिस जांच व पूछताछ के आधार पर अब इस मामले में शिकायतकर्ता प्रिय वर्मा और उसके पति रमणंद को भी नामजद किया गया है तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल स्प्लेंडर नंबर PB08-FF-8437 को कब्जे में ले लिया गया है। फिलहाल आरोपियों से पैसों की बरामदगी बाकी है और पुलिस जल्द ही शिकायतकर्ता महिला व उसके पति को गिरफ्तार कर पूरे मामले में राशि की रिकवरी करने के प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की फर्जी घटनाओं को अंजाम देकर बीमा क्लेम लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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