अमृतसर। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री अनिल जोशी कांग्रेस जॉइन करेंगे। उन्हें कल (1 अक्टूबर) सुबह 11 बजे चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल पार्टी जॉइन कराएंगे। अनिल जोशी ने मंगलवार-30 सितंबर, को दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इसके साथ ही एक तरह से उनके कांग्रेस जॉइन करने की पुष्टि हो गई।
अकाली दल में शामिल होने से पहले अनिल जोशी BJP में थे और वर्ष 2021 में किसान आंदोलन के समर्थन में उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी। अनिल जोशी पंजाब में अकाली दल का बड़ा हिंदू चेहरा हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में वह अमृतसर सीट से अकाली दल के उम्मीदवार थे। तब उन्हें तकरीबन पौने 2 लाख वोट मिले थे।

तरनतारन उपचुनाव में हो सकते हैं कांग्रेस के उम्मीदवार
अनिल जोशी मूल रूप से पंजाब में तरनतारन जिले के संघा गांव के रहने वाले हैं। उनका बिजनेस वगैरह भी तरनतारन में है। कांग्रेस पार्टी उन्हें तरनतारन विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में उतार सकती है। कहा जा रहा है कि खुद जोशी पिछले कई दिनों से ये उपचुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
इससे पहले कहा जा रहा था कि कांग्रेस पार्टी तरनतारन उपचुनाव के लिए दविंदर सिंह संधू (लाली ढाला) को टिकट दे सकती है। लाली ढाला को पिछले हफ्ते चंडीगढ़ भी बुलाया गया लेकिन उनके नाम का ऐलान नहीं किया गया। लाली ढाला बड़े उद्योगपति हैं और इलाके में समाजसेवा करते रहे हैं। उन्होंने 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था और तब उन्हें 18 हजार से अधिक वोट मिले थे। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल का 27 जून को निधन होने जाने के बाद तरनतारन सीट रिक्त घोषित कर दी गई। यहां जल्द उपचुनाव होना है।
भाजपा से दो बार MLA बने, मंत्री रहे
अकाली दल में शामिल होने से पहले अनिल जोशी भाजपा में थे। वर्ष 2007 और 2012 के पंजाब विधानसभा चुनाव में वह BJP के टिकट पर अमृतसर नॉर्थ सीट से लगातार दो बार विधायक चुने गए। वह पूर्व सीएम स्व. प्रकाश सिंह बादल की अगुवाई वाली अकाली-BJP गठबंधन सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और लोकल बॉडी, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च महकमा संभाला। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में वह अमृतसर नॉर्थ सीट पर कांग्रेस कैंडिडेट सुनील दत्ती के सामने चुनाव हार गए।
अकाली दल ने 2022 में हुए पंजाब विधानसभा के चुनाव में भी अनिल जोशी को अमृतसर नॉर्थ सीट से टिकट दिया था। तब वह आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार और पंजाब पुलिस के पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप के सामने 28318 वोट से हार गए थे।
किसानों के समर्थन में छोड़ी BJP
किसान आंदोलन के दौरान BJP से मतभेद हो जाने पर अनिल जोशी 2021 में BJP छोड़कर अकाली दल में चले गए। उन्होंने कहा था कि जनता के हक के लिए लड़ना ही उनकी प्राथमिकता है। अकाली परिवार इसके लएि सशक्त प्लेटफॉर्म देता है। वह अमृतसर और पंजाब के हर वर्ग की सेवा करते रहेंगे।
