जालंधर को मिली बड़ी सौगात: भगवंत मान सरकार के प्रयासों से पीपीडीसी मेरठ का टेक्नोलॉजी एक्सटेंशन सेंटर खुलेगा, खेल व लेदर उद्योग को मिलेगा वैश्विक बढ़ावा

जालंधर, 5 जनवरी — जालंधर के खेल और लेदर उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एमएसएमई–टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर (पीपीडीसी), मेरठ के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। इस एमओयू के तहत जालंधर में एक अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी एक्सटेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिससे खेल और लेदर उद्योग के अनुसंधान एवं विकास (R&D), प्रशिक्षण, परीक्षण और कौशल उन्नयन को नई दिशा मिलेगी। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने खेल सामान निर्माण से जुड़े हितधारकों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह जालंधर के लिए गर्व का दिन है और यह केंद्र शहर के विश्वविख्यात खेल उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि पीपीडीसी मेरठ और गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ लेदर एंड फुटवियर टेक्नोलॉजी (GILFT), जालंधर के बीच यह एमओयू हस्ताक्षरित हुआ है, जिस पर पीपीडीसी के प्रिंसिपल डायरेक्टर और GILFT जालंधर के प्रिंसिपल रोहित दहिया ने दस्तखत किए। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाला यह टेक्नोलॉजी एक्सटेंशन सेंटर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे स्थानीय उद्योग को वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पाद विकसित करने में मदद मिलेगी। मंत्री ने कहा कि पंजाब देश के कुल खेल सामान उत्पादन का करीब 65 प्रतिशत और निर्यात का लगभग 70 प्रतिशत योगदान देता है, जिसमें जालंधर अकेले 1,000 से अधिक विनिर्माण इकाइयों के साथ 150 से अधिक देशों को खेल सामग्री सप्लाई करता है।

संजीव अरोड़ा ने बताया कि वैश्विक खेल उपकरण बाजार, जिसकी कीमत 2024 में लगभग 180 अरब डॉलर आंकी गई है, 2030 तक 6.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यह नया केंद्र जालंधर के उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बनाए रखने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराकर उद्योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया है। यह केंद्र आधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और सतत विनिर्माण प्रक्रियाओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा।

इस अवसर पर नीति आयोग, पंजाब सरकार और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तकनीकी उन्नयन और नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया। बागवानी एवं रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने इसे जालंधर के लिए नए वर्ष का तोहफा बताते हुए कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने स्थानीय उद्योगपतियों से गुणवत्ता और नवाचार पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान जालंधर में निर्मित खेल सामानों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें ओलंपिक और विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। अंत में जिला उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने सभी गणमान्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। कुल मिलाकर, यह पहल जालंधर को खेल और लेदर उद्योग के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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