पंजाब के CM भगवंत मान ने मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। ये मुलाकात करीब 25 मिनट तक चली। इसके बाद CM ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सीएम ने कहा कि मैंने गृह मंत्री को कहा कि 1600 करोड़ ऊंट के मुंह में जीरा है। इस पर शाह ने कहा कि वह सिर्फ टोकन मनी थी। गृह मंत्री ने भरोसा दिया है कि पंजाब की और मदद करेंगे।
हालांकि इससे पहले CM मान लगातार PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए टाइम मांग रहे थे। मगर, प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) की तरफ से टाइम नहीं मिला। जिसके लिए बाढ़ के लिए बुलाए स्पेशल सेशन में PMO का निंदा प्रस्ताव तक पास कर दिया गया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली स्थित कपूरथला हाउस पहुंचे थे और यहीं से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के लिए रवाना हुए।
अब पढ़िए CM भगवंत मान की अहम बातें…
- अमित शाह से अच्छे माहौल में मुलाकात हुई: सीएम ने कहा कि अमित शाह से अच्छे माहौल में मुलाकात हुई। मैंने उन्हें सारी बात बताई। 2300 से गांव डूब गए। 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए। 8500 किमी सड़कें मलबा बन गईं। छोटे बच्चों की सिलेबस कि किताबें तक बह गई। हमें उनका सेमेस्टर आगे करना पड़ा।
- पंजाब की और मदद करने का भरोसा दिया: मान ने कहा कि गृह मंत्री ने हमारी बात सुनी। साथ ही भरोसा दिया कि हम पंजाब की और मदद करेंगे। लेकिन पक्ष रखना मेरी जिम्मेदारी है। 13800 करोड़ का अभी तक नुकसान हुआ है। जब नीचे जाएंगे तो यह बढ़ जाएगा। यह 20 हजार करोड़ तक पहुंच जाएगा।
- देश को पंजाब के साथ खड़ा होना चाहिए: CM ने कहा कि पंजाब हर संकट में देश के साथ खड़ा रहा है। अब देश को पंजाब के साथ खड़ा होना चाहिए। पंजाब और केंद्र में कोई क्रेडिट वॉर नहीं है। मैंने गृह मंत्री को बताया है कि 1600 करोड़ रुपए ऊंट के मुंह में जीरा है। गृह मंत्री ने कहा कि यह टोकन मनी है, और पैसे दिए जाएंगे।
- अश्वनी शर्मा विधानसभा में आकर हिसाब मांगें: सीएम ने कहा कि हम बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए लगातार काम कर रहे हैं। हम जिसकी खेत व रेत मुहिम चला रहे हैं। हाईकोर्ट से हमें अनुमति मिल गई है। अश्वनी शर्मा पठानकोट से बीजेपी विधायक हैं। उन्हें इलेक्टेड विधानसभा में आना चाहिए था। वह मॉक विधानसभा में बोल रहे थे। वहां पर आकर हिसाब लें और हिसाब दें। वह तो मेरे से सीनियर हैं।
- पंजाब को विशेष छूट दी जानी चाहिए: मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरदासपुर, अमृतसर, फाजिल्का, कपूरथला और फिरोजपुर सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं, इसलिए सावन मंडीकरण सीजन 2025-26 के लिए पंजाब को विशेष छूट दी जानी चाहिए। खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय प्राथमिकता के आधार पर सावन खरीद सीजन 2025-26 के दौरान धान की खरीद के लिए मानकों में छूट दे सकता है।
