हिमाचल में भारी बारिश का कहर : सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी,शिमला में लैंडस्लाइड के बाद सड़कें बंद

Shimla News: हिमाचल में बारिश के कारण सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। शिमला में भूस्खलन से सड़कें बंद हो गईं, पेड़ गिरे और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक भी बाधित हुआ।

हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने सात जिलों में रविवार और सोमवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जिसका असर राजधानी शिमला सहित अन्य जिलों में देखने को मिल रहा है। शिमला में जगह जगह लैंडस्लाइड और पेड़ गिरे हैं। लगातार हो रही बारिश से शिमला में चमियाना सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल जाने वाली सड़क पर मलबा गिर गया जिससे सड़क मार्ग बंद हो गया है। भट्टाकुफर में भी गाड़ियों पर पत्थर गिरे हैं. इसी तरह पंथाघाटी जुन्गा रोड़ पर लैंडस्लाइड होने से दो गाड़ियां चपेट में आ गई।

शिमला के ही खलीनी में भी लैंडस्लाइड आया जिससे दो घरों को खतरा उत्पन हो गया है। घरों के साथ खुदाई का कार्य चला हुआ था। बारिश के वजह से लैंडस्लाइड हो गया। शिमला के भराड़ी दुधली सड़क मार्ग पर भारी भरकम पेड़ गाड़ी के ऊपर आ गिरा जिससे गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जबकि सड़क भी बंद हो गई है। शिमला के ही मेहली में लैंडस्लाइड से सरकारी आवासों को भी खतरा पैदा हो गया है। लैंडस्लाइड की चपेट में आने से सीवरेज टैंक भी ढह गया। शिमला के लिए आने वाले पानी के स्रोतों में गाद आने से पानी की आपूर्ति बाधित हुई है।

एक लेन से मलबा हटाकर यातयात सुचारु किया गया

कालका-शिमला NH 5 पर चक्कीमोड़ में भारी भूस्खलन आने से डेढ़ घंटा वाहनों की आवाजाही बंद रही। इस कारण सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। जेसीबी पहुंचने के बाद सड़क की एक लेन से मलबा हटाकर यातयात सुचारु किया गया, उधर विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर कोटी के समीप भारी मलबा आ जाने से बंद हो गया है। इस कारण सुबह आने वाली पहली ट्रेन कोठी रेलवे स्टेशन पर ही फंसी हुई है, जबकि अन्य ट्रेनें गुम्मन और कालका में ही रोक दी गई है। पटरी पर कई जगह पेड़, पत्थर और मलबा गिरा है।

बढ़ सकता है नुकसान का आंकड़ा

बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में अभी भी 38 सड़कें बंद हैं। मानसून के हिमाचल में दस्तक देने के बाद अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी हुई है। इसमें मानसून के कारण 17 जबकि 20 से 28 जून के बीच सड़क हादसों में भी 17 लोगों की मौत हुई है, जबकि 74 घायल हुए हैं। लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को करीब 70 करोड़ का नुकसान हो चुका है। ये आंकड़ा शनिवार रात तक का है। रात को भारी बारिश से सड़कों और अन्य नुकसान का आंकड़ा बढ़ सकता है।

भारी बारिश के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी 

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन व सिरमौर, जबकि सोमवार को सिरमौर, सोलन, शिमला और बिलासपुर के लिए भारी से भारी बारिश ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। एक से 4 जुलाई तक बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। लाहौल स्पीति और किन्नौर जिलों को छोड़कर सभी दस जिलों में फ्लैश फ्लड की भी चेतावनी जारी की गई है।

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक बारिश मंडी जिले के जोगिंदरनगर में 135 मिमी दर्ज की गई। सोलन के कसौली में 125, काहू में 119, सिरमौर के पांवटा साहिब में 116, सुंदरनगर में 96, शिमला में 91, कुफरी में 89 और बिलासपुर में 86 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर शेष दस जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है।

मंडी जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पंडोह डैम के गेट आज खोले जा सकते हैं, जिससे ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है।

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