रिची केपी की सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में मुख्य आरोपी का आत्मसमर्पण: आरोपी को नहीं मिली हाईकोर्ट से जमानत, दो दिन का पुलिस रिमांड

जालंधर। जालंधर के पूर्व सांसद पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान मोहिंदर सिंह के. पी. के इकलौते बेटे रिची के. पी. की सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में मुख्य आरोपी गुरशरण सिंह उर्फ प्रिंस ने मंगलवार देर शाम अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। थाना-6 की पुलिस ने उसे कोर्ट कॉम्प्लेक्स से ही गिरफ्तार कर लिया और दो दिन का रिमांड लिया है। इससे पहले, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने आरोपी प्रिंस की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Plea) को खारिज कर दिया था। अदालत ने माना था कि मामला बहुत गंभीर है और आरोपी के खिलाफ लापरवाही और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने के पुख्ता सबूत हैं। 13 सितंबर से अरोपी फरार था। एंटीसिपेट्री बेल लगा जेल जाने से बचना चाहता था। लेकिन कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद उसने देर शाम खुद कोर्ट में पेश हो गया।

रिची केपी फाइल फोटो व उसकी कार। - Dainik Bhaskar

क्या था पूरा मामला?

यह दुर्घटना शनिवार रात, 13 सितंबर 2025 के आसपास, देर रात करीब 10:55 बजे जालंधर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में हुई थी। रिची के. पी. (36) अपनी फॉरच्यूनर (Fortuner) कार में सवार थे।सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के अनुसार, एक तेज रफ्तार क्रेटा (Creta) कार आई और उसने रिची की फॉरच्यूनर सहित चार वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि रिची की कार लगभग 180 डिग्री तक घूम गई।रिची को रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोटें आईं। राहगीरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।हादसे के समय क्रेटा कार का चालक गुरशरण सिंह उर्फ प्रिंस (जो शेखा बाजार का एक व्यवसायी है) मौके से तुरंत फरार हो गया था।

कार नंबर से हुई पहचान

पुलिस ने कार की नंबर प्लेट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी पहचान की थी। इस हादसे में दो अन्य कार सवार भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।कुलदीप की पत्नी के बयान पर सिटी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया  था। आरोपी की पहचान गुरशरण सिंह उर्फ प्रिंस, जो दुर्घटना के बाद से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार जमानत की कोशिश कर रहा था। हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद आरोपी प्रिंस ने मंगलवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और दो दिन की रिमांड पर लिया है ताकि घटना के संबंध में आगे की जाँच की जा सके।

मोहिंदर सिंह के. पी. का राजनीतिक करियर

मोहिंदर सिंह के.पी. एक दूसरी पीढ़ी के राजनेता हैं। उनके पिता, दर्शन सिंह के. पी. भी पांच बार विधायक रहे थे, जिनकी 1992 में आतंकवादियों मारा था। कांग्रेस वह अपने राजनीतिक जीवन के अधिकांश समय तक कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रधान रहे। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है। अप्रैल 2024 में वे शिरोमणि अकाली दल (SAD) में शामिल हो गए थे।

Share This Article
Leave a comment