फगवाड़ा। पंजाब के फगवाड़ा में निहंग बाणे में शराब पीते और चिकन खाते एक व्यक्ति पकड़ा। वह कार में एक महिला के साथ बैठा था। सूचना पर पहुंचीं सिख जत्थेबंदियों ने विरोध किया, माफी मंगवाई और उससे निहंग बाणा उतरवा लिया। घटना देर रात एक चिकन शॉप के बाहर की बताई जा रही है। जत्थेबंदियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान व्यक्ति भड़क गया और हाथापाई करने लगा। आरोप है कि उसने किरपान निकालकर हमला करने की भी कोशिश की। जिस गाड़ी में व्यक्ति सवार था, उस पर तरना दल दोआबा निहंग सिंह जत्थेबंदी लिखा था। हंगामे के बाद पुलिस व्यक्ति को अपने साथ थाने ले गई।

सिख जत्थेबंदियों से माफी मांगता व्यक्ति और उसके साथ पकड़ी महिला।

सिख जत्थेबंदियों ने तुरंत निहंग बाणा उतरवाया
फगवाड़ा सिख जत्थेबंदी के हैप्पी ने बताया कि उनको रात 11 बजे दूसरे शहर से फोन आया था कि फगवाड़ा में जीटी रोड पर चिकन की दुकान के बाहर एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी है। इस पर तरना दल दोआबा निहंग सिंह जत्थेबंदी का नाम लिखा हुआ है। उस गाड़ी में एक बाणा पहले हुए व्यक्ति एक महिला के साथ बैठा है और शराब पी रहा है।
नकली पिस्तौल से डराने की कोशिश भी की
हैप्पी ने बताया कि जब वे जीटी रोड पर चिकन की दुकान पर पहुंचे तो निहंग के बाणे में व्यक्ति महिला के साथ गाड़ी में बैठा था। जब उसे पकड़ने लगे तो उसने हमला करने की कोशिश की। बाद में उसने नकली पिस्तौल निकाल उनको डराने की कोशिश की। इस पर उन्होंने उससे किरपान और पिस्टल का कवर छीन लिया। पिस्टल के कवर में उसने एक तेजधार चाकू रखा हुआ था।

निहंग बाणा पहने व्यक्ति ने मांगी माफी
पकड़ने पर व्यक्ति ने अपना नाम सुरिंदर सिंह बताया। उसने बताया कि उसका गांव होशियारपुर में है। उससे गलती हो गई, इसके लिए उसे माफ कर दिया जाए। आगे से वह ऐसा नहीं करेगा। जब उससे पूछा गया कि यह महिला कौन है, तो उसने कहा कि रिश्तेदार है।
वहीं महिला से पूछा तो उसने बताया कि वह इसके साथ रास्ते में बैठी थी। उसे इसके पास किसी महिला ने भेजा है। इसके लिए उसे पैसे मिलने थे।

लोगों ने पुलिस के हवाले किया
सिख जत्थेबंदियों ने मौके पर फगवाड़ा सिटी पुलिस को बुलाया। थाना सिटी पुलिस की SHO ऊषा रानी और ASI दर्शन सिंह भट्टी मौके पर पहुंचे और आरोपी को गाड़ी समेत थाने ले गए। पुलिस ने माहौल को शांत करवाया। सिख जत्थेबंदी के लोगों ने कहा कि इस पर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि आगे से निहंगों का बाणा पहन इसका कोई निरादर न कर सके।
