पंजाब राज्य मानव अधिकार आयोग मानवाधिकारों की रक्षा के लिए वचनबद्ध: पद्म श्री जितेंद्र सिंह शंटी

मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सभी जिलों में गठित किए जा रहे है कोर ग्रुप

– विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ की बैठक, आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सुझाव भी लिए

जालंधर, 7 फरवरी: पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ (यू.टी.) मानवाधिकार आयोग के सदस्य पद्म श्री जितेंद्र सिंह शंटी ने आज कहा कि पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

यहां जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल सहित जिला पुलिस, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न एन.जी.ओज़ के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए पद्म श्री जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को संविधान के अनुसार प्राप्त मूल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा की मजबूती के लिए आयोग द्वारा नई एडवाइजरीज़ जारी की गई हैं।

उन्होंने कहा कि कोई भी अस्पताल बिल बकाया होने की स्थिति में मृतक देह को परिवार को देने से इंकार नहीं कर सकता। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल परिवार से घोषणा पत्र ले कर बिना किसी देरी के मृतक देह परिवार को सौंप दे। उन्होंने कहा कि यदि कोई जरूरतमंद मरीज इलाज की रकम अदा करने में असमर्थ हो तो बैंक चेक या एफिडेविट ले कर इलाज उपरांत घर भेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के लिए मृतक देह को मृतक के घर छोड़ना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि 20 बेडों वाले हर अस्पताल में मॉर्चरी और एम्बुलेंस का होना जरूरी है।

उन्होंने आगे बताया कि सफाई कर्मचारियों के ठेकेदारों/फर्मों द्वारा सफाई कर्मचारियों का बीमा और उन्हें कैप्स, शूज़, सैनेटाइजर और अन्य सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा यह भी एडवाइजरी जारी की गई है कि कोई भी एम्बुलेंस, जो किसी गंभीर मरीज को अस्पताल ले जा रही है, द्वारा 112 पर संपर्क करने पर उसे अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी नजदीकी पी.सी.आर. या नजदीकी पुलिस स्टेशन की गाड़ी की होगी।

एन.जी.ओज़ को मानवाधिकार आयोग के आंख और कान बनकर काम करने का आह्वान देते हुए उन्होंने कहा कि
वे मानवता की भलाई के काम करने के साथ-साथ मानवाधिकारों की रक्षा में भी सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि एन.जी.ओज़ को मानवता की बेहतरी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहिए। उन्होंने जालंधर की एन.जी.ओज़ द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों की भलाई के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।

उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन संबंधी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9855475547 भी जारी किया गया है।

स्वास्थ्य, नगर कौंसिल, पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को मानवाधिकारों के मद्देनजर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और मानवाधिकारों को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी लिए।

उन्होंने सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए ऑक्सीजन प्लांट, लैब, ब्लड बैंक, मॉर्चरी, एम्बुलेंस सहित अन्य सुविधाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को खूनदान के प्रति जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को 4 एकड़ से बड़े पार्कों में रैंप, महिलाओं और पुरुषों के लिए बाथरूम और प्रत्येक पार्क में बेंचों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कहा। इसके अलावा उन्होंने पुलिस विभाग को थानों में आने वाले लोगों के लिए बाथरूम, बैठने के लिए ढक्कन वाले प्रबंध और ढक्कन वाली पार्किंग व्यवस्था भी सुनिश्चित करने की हिदायत भी की।

उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए मानवाधिकार आयोग के सदस्य जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि आयोग द्वारा मानवाधिकारों की रक्षा के लिए हर जिले में 15-15 व्यक्तियों पर आधारित कोर ग्रुप गठित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह कोर ग्रुप मानवाधिकारों से संबंधित शिकायतों और समस्याओं को ध्यान में लाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि इन कोर ग्रुपों में विभिन्न वर्गों से संबंधित व्यक्ति शामिल किए जाएंगे।

इस मौके पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) अमनिंदर कौर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) नवदीप कौर, सिविल सर्जन डा. राजेश गर्ग, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम मनदीप कौर के अलावा पुलिस विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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