जालंधर/सुखविंद्र सुक्खी
माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के आदेशों की पालना करते हुए जिला स्तरीय चाइल्ड बेगिंग प्रिवेंशन टास्क फोर्स द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसके दौरान 10 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी मनजिंदर सिंह ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘जीवनजोत प्रोजेक्ट’ के तहत जिले के अलग-अलग इलाकों में लगातार चेकिंग की जा रही है, ताकि बाल भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म किया जा सके। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय भारती के साथ जालंधर शहर के बस स्टैंड सहित विभिन्न प्रमुख चौराहों पर छापेमारी की गई, वहीं दूसरी ओर चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट अधिकारियों के नेतृत्व में जिला के विभिन्न ब्लॉकों में भी सघन जांच अभियान चलाया गया। इस मुहिम के दौरान भिक्षावृत्ति में लिप्त 6 लड़कियों और 4 लड़कों सहित कुल 10 बच्चों को बेगारी एक्ट के तहत रेस्क्यू किया गया, जिनकी उम्र 6 से 14 वर्ष के बीच पाई गई। सभी बच्चों का सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण करवाने के उपरांत उन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, जालंधर के समक्ष पेश किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार बाल भिक्षावृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से ऐसे रेस्क्यू अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि जालंधर जिले को पूरी तरह भिक्षावृत्ति-मुक्त बनाया जा सके।
