1 महीने से फरार  विधायक पठानमाजरा को रेप केस में राहत नहीं : पटियाला कोर्ट में अब 9 अक्टूबर को सुनवाई

चंडीगढ़ । पंजाब में रेप केस दर्ज होने के बाद एक महीने से फरार चल रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की अग्रिम जमानत पर आज पटियाला की अदालत में सुनवाई हुई। लेकिन उन्हें अभी राहत नहीं मिली है। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर तय की है। उम्मीद है कि इस दौरान फैसला आएगा। पिछली सुनवाई पर करीब ढाई घंटे बहस चली थी। इस दौरान विधायक पठानमाजरा के वकीलों ने कई दलीलें रखी  थी। हालांकि सरकारी वकीलों ने एतराज किया।

मामले की शिकायत के बाद दर्ज हुआ है केस

पठानमाजरा ने याचिका में उन्होंने दो मुख्य दलीलें रखी हैं। पहली, कि उन पर दर्ज केस राजनीतिक प्रेरित है। दूसरी, कि जिस शिकायत के आधार पर केस दर्ज हुआ, वह काफी समय से लंबित थी। जबकि सरकारी वकील ने कहा कि तय नियमों के तहत कार्रवाई की गई है। किसी के साथ कोई धक्का नहीं किया गया है।

वीडियो जारी कर कहा थी कोई सुनवाई नहीं हो रही

पठानमाजरा की पत्नी सिमरजीत सिमरनजोत कौर माजरा का अस्पताल से एक वीडियो वायरल हुआ था। मेरे परिवार को सच बोलने की सजा मिल रही है। मैं पुलिस के अधिकारियों काे फोन करती हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता है। उन्हें उचित इलाज नहीं मिल रहा है। वीडियो में उन्होंने कई अस्पतालों के नाम लिए थे। जहां उसका इलाज चल रहा था।

जानिए पूरा मामला: महिला को धोखा देने और ठगी के आरोप

पटियाला के सिविल लाइन थाने में 3 सितंबर को AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ FIR दर्ज हुई। आरोप है कि उन्होंने सरकारी नौकरी और योजनाओं का लालच देकर लाखों रुपए वसूले और खुद को तलाकशुदा बताकर एक महिला को धोखा दिया। महिला ने कहा कि 2013 में फेसबुक पर पहचान के बाद 2021 में गुरुद्वारे में शादी हुई, लेकिन 2022 के चुनावी हलफनामे में पहली पत्नी का नाम सामने आने पर सच उजागर हुआ। महिला ने शारीरिक शोषण, धमकी और अश्लील वीडियो बनाने के आरोप लगाए। शिकायत के 3 साल बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पठानमाजरा पर धारा 420, 506 और 376 के तहत केस दर्ज किया और विशेष रिपोर्ट अदालत को भेज दी।

करनाल में गिरफ्तारी की कोशिश, विधायक फरार

कार्रवाई तब शुरू हुई जब पठानमाजरा ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर जल संसाधन विभाग के प्रिंसिपल सचिव कृष्ण कुमार पर आरोप लगाए और पार्टी दबाव के बावजूद बयान वापस लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी दिल्ली नेताओं के दबाव में रहने का आरोप लगाया।

इसके बाद उनकी सुरक्षा हटा दी गई और 3 साल पुराने रेप केस में FIR दर्ज कर दी गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हरियाणा के करनाल के डाबरी गांव से उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश हुई, लेकिन समर्थकों ने पुलिस पर फायरिंग और पथराव कर दिया। हंगामे में पठानमाजरा स्कॉर्पियो और फॉरच्यूनर गाड़ियों में फरार हो गए और एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। पुलिस ने एक समर्थक बलविंदर सिंह को गिरफ्तार कर 3 पिस्टल बरामद कीं और करनाल सदर थाने में मामला दर्ज किया।

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