भक्ति और विकास का संगम

चौक के उद्घाटन के दौरान कैबिनेट मंत्री महेंद्र भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार दलित समाज और महापुरुषों के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह चौक न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगा, बल्कि गुरु महाराज के अनुयायियों के लिए गर्व का प्रतीक बनेगा। मंत्री भगत ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व पूरे पंजाब में बेहद भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा, जिसके लिए सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मेयर की मेहनत और देर रात तक चला काम
शहर के मेयर बनीत धीर इस परियोजना के लिए खुद जमीन पर उतरकर काम करवाते नजर आए। उद्घाटन के समय कुछ काम शेष होने के सवाल पर उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि शोभा यात्रा को देखते हुए आज उद्घाटन करना जरूरी था। मेयर ने स्वयं रात भर रुककर अपनी देखरेख में लाइटिंग और फिनिशिंग का काम पूरा करवाया। उन्होंने कहा, “जब हम सेवा भावना से काम करते हैं, तो थकान नहीं होती। यह चौक जालंधर के सबसे खूबसूरत चौकों में से एक साबित होगा।”
सुरक्षा और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने खुले बिजली के तारों को लेकर चिंता जताई, जिस पर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए इलेक्ट्रिकल फिटिंग को दुरुस्त किया जा रहा है। चौक को आधुनिक लाइट्स, फव्वारों और सुंदर नक्काशी से सजाया गया है, जो रात के समय आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
नेताओं और संगत में भारी उत्साह
इस शुभ अवसर पर हल्का जालंधर कैंट की इंचार्ज राजविंदर कौर थियारा, नितिन कोहली, दिनेश ढल्ल और जिला प्रधान अमृतपाल जी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। गुरु रविदास धाम की पूरी टीम, चेयरमैन सतपाल मल और जनरल सेक्रेटरी विनोद कॉल ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह चौक आपसी भाईचारे और गुरुओं के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है।
प्रकाश पर्व की तैयारियां तेज
उद्घाटन के बाद पूरे इलाके में खुशी की लहर है। संगत ने जय गुरुदेव के जयकारों के साथ आसमान गुंजा दिया। कल निकलने वाली विशाल शोभा यात्रा के लिए यह चौक पूरी तरह तैयार है। प्रशासन का मानना है कि इस नए निर्माण से ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार होगा और पर्यटकों व श्रद्धालुओं को एक नई पहचान मिलेगी।
