पंजाब में खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी के विधायक मनजिंदर सिंह को 4 साल कैद ; विधायकी जा सकती है

अमृतसर। पंजाब में खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह को तरनतारन की सेशन कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई है। उनकी विधायकी पर तलवार लटक गई है। हालांकि लालपुरा के पास ऑप्शन है कि वह हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। कोर्ट के ऑर्डर के अनुसार पीड़ित लड़की को मुआवजे भी देना होगा। इस फैसले AAP के वरिष्ठ नेता बलतेज पन्नू ने कहा- कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई है। पार्टी की कार्रवाई से अदालत की कार्रवाई बड़ी है। कोर्ट ने जो सजा सुनाई है, वह सही ही होगी। अदालत के फैसले पर कोई भी सवाल जवाब नहीं है। विधायकी निष्कासित हो सकती है, क्योंकि ये कानूनी कार्रवाई है। 10 सितंबर को अदालत ने 12 साल पहले युवती से मारपीट करने और छेड़छाड़ के आरोप में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

अदालत ने घटना के वक्त टैक्सी ड्राइवर रहे विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के अलावा 5 पुलिसकर्मियों दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्वनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह को भी दोषी ठहराया था। हालांकि, कोर्ट ने गगनदीप सिंह और पुलिसकर्मी नरिंदरजीत सिंह और गुरदीप राज को ज्यूडिशियल हिरासत में नहीं भेजा। यह पूरा मामला 2013 का है। उस समय विधायक लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। उन पर शादी में आई युवती के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। युवती ने टैक्सी ड्राइवरों पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया था।

अब पढ़िए अदालत के फैसले के बाद क्या बोली पीड़िता…

  • मासी के बेटे की शादी में गई थी, तब हुई घटना : पीड़िता ने बताया था कि यह मामला 3 मार्च 2013 का है। इस दौरान वह अपनी मासी के बेटे की शादी में गई थी। उस समय मनजिंदर सिंह लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। शादी के दौरान लालपुरा समेत हरविंदर सिंह और गुरदीप सिंह ने उसके साथ गलत हरकतें कीं। उसे और उसके परिवार को जातिसूचक शब्द कहे गए। पुलिस कर्मचारियों ने भी उसके परिवार के साथ मारपीट की। सभी ने मिलकर उसके साथ अश्लील हरकतें भी कीं।
  • पीड़िता बोली- परिवार ने पूरा साथ दिया : 10 सितंबर को कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले के बाद पीड़िता ने कहा कि उसे इंसाफ मिला है। उसने अपने पति और परिवार का भी शुक्रिया अदा किया। कहा कि इस पूरे समय परिवार उसके साथ मजबूती के साथ खड़ा रहा।
  • मेरे जीवन के 13 साल बर्बाद किए : पीड़िता ने आगे कहा- इस लड़ाई के दौरान कई मुश्किल चरण आए। मैं अपने बेटे को दो-दो महीने तक स्कूल नहीं भेज पाती थी, क्योंकि आरोपी मुझे रास्ते में मारने की धमकियां देते थे। वे मुझ पर केस वापस लेने का दबाव डालते थे। मैं अदालत से मांग करती हूं कि इन्हें कठोर सजा दी जाए। मेरे जीवन के 13 साल इन्होंने बर्बाद किए हैं।

एक आरोपी की मौत, एक पहले से ही जेल में बंद

इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए युवती के वकील अमित धवन ने बताया था कि इस मामले में SC/ST एक्ट की धारा 323, 324 व 354 के तहत केस दर्ज हुआ था। बुधवार को अदालत ने कुल 12 लोगों को दोषी ठहराया है। विधायक समेत 7 लोगों को अरेस्ट किया गया। एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी पहले ही तिहाड़ जेल में बंद है। 3 आरोपियों को फिलहाल अरेस्ट नहीं किया गया है।

2 साल से ज्यादा सजा होने पर सदस्यता जाएगी

पहले नियम यह था कि यदि किसी विधायक या सांसद को सजा मिलती थी, लेकिन वे ऊपरी अदालत में अपील करके जमानत प्राप्त कर लेते थे, तो उनकी सदस्यता बनी रहती थी। हालांकि, 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा था कि यदि किसी भी कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने पर किसी व्यक्ति को 2 साल या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है, तो उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में दोषी व्यक्ति अगले 6 वर्षों तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकता।

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