उन्होंने कहा कि बीजेपी अब मंदिर और धर्म को राजनीति में ला रही है। राम का नाम राजनीति के लिए प्रयोग कर रहे हैं। बीजेपी ने महात्मा गांधी का अपमान किया है। भाजपा RSS की सोच लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब AAP और बीजेपी नेताओं के घर घेरेगी। 8 जनवरी को गुरदासपुर से मनरेगा के खिलाफ प्रदर्शन शुरू करेंगे।
गांव में विकास मनरेगा की देन
वड़िंग ने कहा कि गांव में विकास मनरेगा की देन है। मोदी ने पहले साल कहा था मनरेगा कांग्रेस की विफलता का सूचक है, इसे बंद नहीं करूंगा। आप सरकार ने इस पर कोई काम नहीं किया। मनरेगा का करोड़ों रुपए रुका गया। लुधियाना में 121123 हाउस होल्ड हैं, मनरेगा के 42 प्रतिशत लोगों को ही काम मिला। सिर्फ 1 प्रतिशत लोगों को 100 दिन का काम मिला।
अब AAP विधान सभा सत्र बुलाकर बीजेपी को जिम्मेदार ठहराएगी। बासमती की 10 हजार करोड़ MSP का और नरेगा का 10 हजार करोड़ राज्य सरकार के नकारेपन की वजह से पंजाब की इकोनॉमी में नहीं आया। राज्य सरकार मनरेगा 40 प्रतिशत शेयर कहां से डालेगी।
मनरेगा से गरीब के घर का चूल्हा जलता
उन्होंने कहा कि मनरेगा की लड़ाई पूरे देश में लड़ेगी कांग्रेस। मनरेगा से गरीब के घर का चूल्हा जलता है। फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी के नाम पर बीजेपी बेवकूफ बना रही है। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड क्यों काटे जा रहे। 2.9 लाख के राशन कार्ड काट दिए। 20 लाख अगले साल काटे जाएंगे। केवाईसी पूरी नहीं हुई। मुझे संसद में जवाब दिया गया।
इन मुद्दों पर VB-G RAM G कानून का विरोध
- महात्मा गांधी का नाम हटाना: कांग्रेस ने विरोध की एक बड़ी वजह यह भी बताई है कि MGNREGA से ‘महात्मा गांधी’ का नाम हटाकर नया नाम VB-G RAM G रखा गया है, जिसे वे गांधी जी की विरासत का अपमान मानते हैं।
- मनरेगा मजदूर होंगे काम से वंचित: कांग्रेस का आरोप है कि पंजाब में मनरेगा योजना का मूल उद्देश्य ही कमजोर कर दिया गया है। कानून के तहत हर ग्रामीण परिवार को 100 दिन का रोजगार मिलना चाहिए, लेकिन हकीकत में अधिकांश मजदूरों को 20 से 40 दिन से ज्यादा काम नहीं दिया जा रहा। कांग्रेस का कहना है कि यह सीधे-सीधे मजदूरों के रोजगार के अधिकार का हनन है और केंद्र सरकार जानबूझकर मनरेगा को कमजोर कर रही है।
- बेरोजगारी भत्ते के अधिकार को खत्म करना: कांग्रेस के दावा है कि नए कानून में काम मांगने के बावजूद रोजगार न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान खत्म कर दिया गया है। जिससे मनरेगा में काम करने वालों को परेशानी होगी। कांग्रेस का सबसे बड़ा एतराज इसी बात को लेकर हे।
- ग्राम सभा की शक्तियां कम करना: कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार ने कानून में जो बदलाव किया है उसमें ग्रामसभा का योजना में नियंत्रण कम कर दिया है और प्रशासनिक हस्तक्षेप बढ़ा दिया है। जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही कम हुई।
- केंद्र-राज्य फंड हिस्सेदारी और राज्य पर बोझ: नए कानून के तहत केंद्र और राज्य की फंड शेयरिंग 60:40 हो सकती है , जिससे राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा और योजना अमल में बाधा आ सकती है। कांग्रेस का कहना है कि इससे गरीबों को लाभ नहीं मिलेगा।
