जालंधर- जालंधर में डंकी रूट के जरिए युवाओं को अमेरिका भेजने वाले गैर-कानूनी इमिग्रेशन और मानव तस्करी रैकेट पर इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने कार्रवाई की है। ईडी जालंधर जोन ने इस मामले में तीन एजेंटों की कुल 5.41 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। ईडी की यह कार्रवाई शुभम शर्मा, जगजीत सिंह और सुरमुख सिंह के खिलाफ की गई है। जांच में सामने आया है कि तीनों एजेंट युवाओं को कानूनी इमिग्रेशन का झांसा देकर गैर-कानूनी तरीके से डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेज रहे थे।
ईडी के अनुसार, आरोपी लंबे समय से इस नेटवर्क में सक्रिय थे और युवाओं से मोटी रकम वसूल कर उन्हें अवैध रास्तों से विदेश भेजा जा रहा था। तीनों आरोपी हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
अब जानिए पूरा मामला
- कृषि भूमि, मकान और बैंक खाते जब्त: ईडी अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में कृषि भूमि, आवासीय और व्यवसायिक इमारतें शामिल हैं। इसके अलावा आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद बैंक खातों को भी फ्रीज किया गया है। यह संपत्तियां अपराध से अर्जित धन या उसके बराबर मानी जा रही हैं।
- युवाओं को लुभाकर करते थे डंकी रूट से रवाना: जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी एजेंट युवाओं को विदेश भेजने का सपना दिखाकर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। बाद में उन्हें नेटवर्क से जुड़े अन्य एजेंटों के पास भेजा जाता था। आरोपी अलग-अलग देशों के लिए हवाई टिकट और विजिटर वीजा की व्यवस्था करने में भी शामिल थे।
- 330 भारतीयों के डिपोर्ट होने के बाद तेज हुई जांच: फरवरी 2025 में अमेरिकी सरकार द्वारा गैर-कानूनी रूप से अमेरिका में दाखिल हुए 330 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किए जाने के बाद इस पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू हुआ। इसके बाद पंजाब और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने गैर-कानूनी इमिग्रेशन और मानव तस्करी के मामलों की जांच शुरू की थी।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियां व संपत्ति जब्ती हो सकती है।
