बाप ने 18 साल वेटलिफ्टर बेटी की हत्या : वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार; मोहाली में बीकॉम कर रही थी

बठिंडा- पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब के गांव मिड्ढा में रविवार को एक व्यक्ति ने अपनी ही 18 साल वेटलिफ्टर बेटी की कस्सी से हमला कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। इसकी सूचना मिलते ही थाना कबरवाला पुलिस ने मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। पुलिस ने मृतका के मां से मामले की जानकारी ली। पता चला कि व्यक्ति ने बेटी पर कस्सी पर तब तक वार किए, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। बेटी की सांसें थमने की पुष्टि होने के बाद ही वह मौके से फरार हो गया।

इसके बाद पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। उसकी मां के बयान के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मां के मुताबिक, बेटी आगे पढ़ना और खेलना चाहती थी, लेकिन उसका पिता इसके हक में नहीं था। इस बात को लेकर दोनों में विवाद होता रहता था।

जानिए पूरा मामला

  • मोहाली में रहकर बीकॉम की पढ़ाई कर रही थी : मृतका की पहचान चमनप्रीत कौर के रूप में हुई है, जो मोहाली में रहकर बीकॉम की पढ़ाई कर रही थी। पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पिता हरपाल सिंह अपनी बेटी को आगे पढ़ाने के खिलाफ था। वह पुराने विचारों का था। उसे आशंका रहती थी कि बाहर रहकर पढ़ाई करने से उसकी बेटी बिगड़ सकती है। इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद और कलह होती रहती थी।
  • रविवार को फिर हुआ विवाद, कस्सी से हमला कर मार डाला : पुलिस के मुताबिक, मां ने अपने बयान में बताया कि रविवार सुबह भी दोनों मां-बेटी में इसी बात को लेकर विवाद हुआ। दोनों अपनी-अपनी बात अड़े थे। मामला बढ़ा तो हरपाल सिंह ने गुस्से में आकर कस्सी से बेटी पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। मां ने ही पुलिस को सूचना देकर बुलाया।
  • पुलिस ने की घटनास्थल की जांच, पिता की तलाश में दबिश दी: घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी लंबी हरबंस सिंह और थाना कबरवाला की प्रभारी हरप्रीत कौर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतका की मां के बयान के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। उधर, आरोपी पिता की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी, लेकिन सफलता नहीं मिली।

परिजन और ग्रामीण बोले- चमनप्रीत कौर समझदार लड़की थी

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, चमनप्रीत कौर पढ़ाई में काफी होशियार और समझदार लड़की थी। उसकी मां बेटी को उच्च शिक्षा दिलाना चाहती थी और हर कदम पर उसका साथ देती थी। पढ़ाई के साथ-साथ चमनप्रीत खेलों में भी सक्रिय थी। वह वेटलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल जीत चुकी थी।

एसएचओ बोलीं- पिता बेटी को आगे पढ़ाना नहीं चाहता था

कबरवाला थाने की एसएचओ हरप्रीत कौर ने मीडिया को बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि पिता हरपाल सिंह नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी आगे पढ़ाई करे, इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मलोट के सिविल अस्पताल भेज दिया है।

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