फाजिल्का : पाकिस्तान से अवैध हथियारों की तस्करी का भंडाफोड़; 5 पिस्टल और मैगजीन बरामद ; विदेशी नेटवर्क के जरिए मंगवाए थे

फाजिल्का पाकिस्तान से अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में सीआईए-2 पुलिस ने फाजिल्का के लाधुका कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है । जिनके पास से 5 पिस्टल बरामद हुए हैं। मामले में मुकदमा दर्ज कर दिया गया और कार्रवाई की जा रही है। वहीं इसकी जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने ट्वीट करके भी दी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरिंद्र सिंह और गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। मामले में थाना सदर फाजिल्का में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक को खंगाल रही है, ताकि पूरे गैंग को गिरफ्तार किया जा सके।

चेकिंग के दौरान पकड़ में आए

सीआईए-2 के प्रभारी इंस्पेक्टर रूपिंदरपाल सिंह ने बताया कि पुलिस पार्टी गश्त पर थी, इस दौरान दो लोगों को शक की बिनाह पर रोककर चेक किया गया तो उनसे अवैध पिस्टल बरामद हुए। जिनमें 5 पिस्टल बरामद और एक भरी हुई मैगजीन समेत 5 मैगजीन भी मिले है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गौरी निवासी गांव टाहलीवाला बोदला और सुरिंदर सिंह निवासी ढाणी काहना राम के रूप में हुई है। फिलहाल फाजिल्का के सदर थाना में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।

डीजीपी गौरव यादव द्वारा शेयर की गई पोस्ट।

डीजीपी गौरव यादव द्वारा शेयर की गई पोस्ट।

विदेशी नेटवर्क के जरिए मंगवाए थे हथियार

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह हथियार पाकिस्तान से विदेशी नेटवर्क के जरिए मंगवाए गए थे और पंजाब के आपराधिक गिरोहों तक पहुंचाने की तैयारी थी। गिरफ्तार आरोपियों का काम हथियारों की सप्लाई कर उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रिय गैंगस्टरों तक पहुंचाना था। इसके बाद अलग-अलग जगह पर बड़ी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है कि आरोपी हथियार पंजाब में किसे देते थे और किस वारदात को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी।

विदेशी हैंडलर से मिल रहे थे निर्देश

डीजीपी ने कहा कि अभी तक जांच में आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी अपने विदेशी हैंडलर के इशारे पर काम कर रहे थे। उनका मकसद पंजाब में सक्रिय अपराधी गिरोहों को यह हथियार मुहैया कराना था, ताकि आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके। साथ ही आरोपी अपने गिरोह के साथ और युवाओं को जोड़ने की भी प्लानिंग कर रहे थे।

Share This Article
Leave a comment