प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब एक ट्रक पठानकोट से जालंधर की ओर जा रहा था। जैसे ही ट्रक काला बकरा रोड के पास पहुंचा, उसका टायर अचानक फट गया। ड्राइवर और कंडक्टर ने ट्रक को सड़क के किनारे खड़ा किया और नीचे उतरकर टायर बदलने लगे।
इसी दौरान पीछे से आ रहे एक बजरी से लदे तेज रफ्तार टिप्पर ने धुंध के कारण विजिबिलिटी कम होने की वजह से खड़े ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी भयानक थी कि कंडक्टर ट्रक और टिप्पर के बीच में कुचला गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
यातायात हुआ प्रभावित
हादसे के बाद दोनों भारी वाहन सड़क के बीचों-बीच फंस गए, जिससे जालंधर-पठानकोट हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सुबह का समय होने के कारण दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे पर कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बनी रही।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत सड़क सुरक्षा फोर्स यानी SSF को सूचित किया। टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर सबसे पहले घायल कंडेक्टर को एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इसके बाद, क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को बीच सड़क से हटाकर किनारे किया गया, जिसके बाद यातायात को सुचारु रूप से बहाल किया जा सका। काला बकरा पुलिस स्टेशन की टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस की जांच शुरू
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में हादसे का मुख्य कारण घनी धुंध और तेज रफ्तार को माना जा रहा है। पुलिस ने टिप्पर को कब्जे में ले लिया है और मामले की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि धुंध के मौसम में वाहनों की रफ्तार धीमी रखें और पार्किंग लाइट का उचित उपयोग करें।
