इलाके में तनाव के बाद डीएसपी भारत मसीह भारी पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे। सिख जत्थेबंदियों ने इलाके में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। भारी भीड़ इकट्ठा होने के बाद गुरुद्वारे के चारों तरफ पुलिसकर्मी तैनात किए गए। गांव के ही एक व्यक्ति पर बेअदबी के आरोप लगे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब के मान-सम्मान में किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने SGPC को इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
जानिए पूरा मामला…
- महिला बोली- साढ़े 5 बजे तक सब ठीक था: जानकारी के मुताबिक जालंधर के गोराया के गांव माहला की रहने वाली महिला जसप्रीत ने बताया कि उसने मंगलवार दोपहर बाद 5-5:30 बजे के करीब गुरुद्वारा साहिब खोला था, तब सब ठीक था। इसके बाद वो बाहर से ही माथा टेक कर चली गई। महिला ने शक जताया कि हो सकता है कि बेअदबी की घटना शाम 6 बजे के करीब हुई हो।
- गुरुद्वारे में भीड़ जुटी, निहंग पहुंचे, पुलिस तैनात: जैसे ही श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी की खबर गांव में फैली तो बड़ी संख्या में सिख गुरुद्वारा साहिब में इकट्ठे होने लगे। लोगों ने इस पर गहरा दुख और गुस्सा जताया। निहंग भी वहां पहुंच गए। इसका पता चलते ही पुलिस भी वहां पहुंच गई। जिसके बाद पुलिस ने वहां के लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
- कुछ संदिग्ध हिरासत में, प्रबंधन के विवाद में बेअदबी का शक: मामले की जांच करते हुए पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधन को लेकर दो गुटों में पुरानी रंजिश चल रही थी। जिसका लाभ उठाकर किसी शरारती तत्व ने इस घिनौनी साजिश को अंजाम दिया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।
धार्मिक जत्थेबंदियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही विभिन्न सिख जत्थेबंदियों और सत्कार कमेटी के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। सत्कार कमेटी के सदस्यों ने सबसे पहले गुरुद्वारा साहिब के भीतर जाकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष नतमस्तक होकर पूरी स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। जत्थेबंदियों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है।
DSP ने शांति की अपील की
मामले में डीएसपी भारत मसीह भारी पुलिस फोर्स के साथ गांव माहला पहुंचे। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर पुलिस ने गांव की घेराबंदी की है। प्रशासन ने संगत से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। मीडिया से बातचीत करते हुए डीएसपी भारत मसीह ने पुष्टि की कि पुलिस ने कुछ संदिग्ध नौजवानों को हिरासत में लिया है। इन युवकों से अज्ञात स्थान पर ले जाकर गहन पूछताछ की जा रही है।
अकाल तख्त जत्थेदार बोले- गुरुद्वारों के प्रबंध ठीक रखें
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने जालंधर के माहला गांव के गुरुद्वारा साहिब में शरारती तत्वों द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन अंग की बेअदबी का सख्त नोटिस लिया गया है। उन्होंने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के मान-सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब के अंदर हर समय पहरेदारी, गुरु घर के प्रबंध मजबूत और सुरक्षित बनाने में हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर गुरुद्वारों के प्रबंधों में अभी भी ढिलाई बरती जा रही है। उन्होंने सिख संगत को कहा कि अपने-अपने क्षेत्र के गुरुद्वारों में हर समय पहरेदारी और कैमरों की उचित व्यवस्था की जाए।
एडवोकेट धामी बोले-पंजाब सरकार बेअदबी रोकने में असफल
गांव माहला में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंग फाड़ने के मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने निंदा की है। उन्होंने इसे पंजाब सरकार की कानून-व्यवस्था की नाकामी करार दिया। धामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं में लगातार वृद्धि होना गंभीर चिंता का विषय है। मौजूदा पंजाब सरकार इन्हें रोकने में असफल साबित हुई है और कई मामलों में सामने आए दोषियों के खिलाफ कोई मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई भी नहीं की गई, जो सिख भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाला है।
बेअदबी पर सख्त कानून लाने की तैयारी में AAP सरकार
पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के लिए भगवंत मान सरकार जल्द सख्त कानून लाने वाली है। इसको लेकर बनाई विधानसभा कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इस कानून के तहत बेअदबी के दोषी को आजीवन उम्रकैद और बेअदबी की कोशिश करने पर 3 से 5 साल तक कैद का प्रावधान किया गया है। यही नहीं, कानून इतना सख्त है कि इसमें न तो आरोपी को जमानत मिलेगी और न ही आपस में राजीनामा किया जा सकेगा। इस कानून का बिल 15 जुलाई को विधानसभा में पेश हुआ था।
