जालंधर में SHO पर घूसखोरी का आरोप : ‘सेवा-पानी’ मांगते ऑडियो ने मचाया हड़कंप, पीड़ित कोर्ट पहुंचा

जालंधर– जालंधर के थाना पतारा के थाना प्रभारी (SHO) एक गंभीर विवाद में घिर गए हैं। कार जलाने के एक पुराने मामले में न्याय दिलाने के नाम पर 5 हजार रुपये और अन्य पुलिसकर्मियों की ‘सेवा-पानी’ के लिए रिश्वत मांगने का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पीड़ित सुखजीत सिंह ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और बताया कि 2 साल से चक्कर काटने के बावजूद उन्हें इंसाफ नहीं मिला, बल्कि अब कार्रवाई के बदले पैसों की मांग की जा रही है। पीड़ित ने इस मामले को लेकर अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

क्या है पूरा मामला?

सुखजीत सिंह के अनुसार, यह घटना 11 और 12 मई 2024 की दरमियानी रात की है। वह अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे, तभी अचानक उनकी ब्रेजा कार (PB08 FC 6165) का सायरन बजने लगा। जब उन्होंने बाहर निकलकर देखा तो गाड़ी आग की लपटों में घिरी हुई थी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना थाना पतारा की पुलिस को दी। पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। सुखजीत सिंह ने गांव के ही दो व्यक्तियों मेजर सिंह और जगजीत सिंह पर शक जाहिर किया था। पीड़ित का आरोप है कि ये लोग उनसे पुरानी रंजिश रखते थे और गांव के युवाओं को उनके खिलाफ भड़काने का काम करते थे।

पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप।
पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप।

एसएसपी के दखल के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

पीड़ित ने बताया कि स्थानीय पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर उन्होंने एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह से मुलाकात की थी। एसएसपी के कड़े आदेशों के बाद ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। हालांकि, सुखजीत सिंह का कहना है कि एफआईआर होने के बावजूद नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वह बार-बार थाना पतारा के एसएचओ से मिलने गए, लेकिन आरोप है कि एसएचओ ने केस आगे बढ़ाने के बजाय उनसे पैसों की मांग शुरू कर दी।

ऑडियो में ‘सेवा-पानी’ का जिक्र

सुखजीत सिंह द्वारा जारी किए गए ऑडियो में कथित तौर पर एसएचओ और पीड़ित के बीच पैसों को लेकर बातचीत हो रही है। बताया जा रहा है कि एसएचओ उस समय कोर्ट में थे, इसलिए उन्होंने खुलकर बात नहीं की, लेकिन वह पीड़ित द्वारा की जा रही पैसों की ‘सेटिंग’ की बातों पर सहमति जताते नजर आ रहे हैं।

पीड़ित का आरोप है कि एसएचओ ने खुद के लिए 5 हजार रुपये और अपने मातहत कर्मचारियों के लिए अलग से खर्चे की मांग की। भ्रष्टाचार और ढुलमुल कार्यप्रणाली से तंग आकर सुखजीत सिंह ने अब अदालत और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

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