जालंधर । जालंधर देहाती के थाना फिल्लौर के SHO भूषण कुमार की पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। भूषण कुमार की रेप पीड़िता के साथ थाने में अश्लील बातें करने सहित एक अन्य लड़की को कमरे में बुलाने की ऑडियो सामने आई थी। इस मामले में पीड़ित महिलाएं पंजाब महिला आयोग के सामने पेश हुई थीं। इसके बाद बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले में संज्ञान लिया था। इसके बाद तुरंत SHO को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद पॉक्सो में FIR दर्ज की गई थी। SHO की इस मामले में अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
वकील की दलील-जमानत मिली तो गवाहों को कर सकता प्रभावित
हाईकोर्ट में पीड़ित महिलाओं की तरफ से पेश सरकारी वकील ने दलील दी कि अगर भूषण कुमार को जमानत मिलती है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते हाईकोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जल्द से जल्द भूषण कुमार के मामले में कार्रवाई तेज की जाए।हाईकोर्ट ने कहा कि केस में पेश किए गए सबूतों और जांच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस स्टेज पर जमानत देना सही नहीं होगा। चाइल्ड कमीशन के चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने खुद केस की निगरानी की।
जानें अब तक इस मामले में कब क्या हुआ
- 24 अगस्त को पहली पीड़िता सामने आई : फिल्लौर एरिया की रहने वाली पहली पीड़िता 24 अगस्त को थाने में आई। उसने शिकायत दी कि उसकी बेटी के साथ पड़ोस में रहने वाले लड़के ने रेप किया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि SHO ने इस केस में FIR करने की बजाय उसी से गंदी बातें करनी शुरू कर दीं। इसके बात उसने उसकी रिकॉर्डिंग कर ली। केस दर्ज न होने पर SHO उसे बार-बार बुलाने लगा। अकेले आने को कहने लगा। मैं तंग आकर लोक इंसाफ मंच से मिली और मामले को महिला कमीशन के ध्यान में लाया गया। इसके बाद कमीशन ने संज्ञान लेते हुए एसएचओ को लाइन हाजिर करवा दिया।
- 12 अक्टूबर को दूसरी पीड़िता सामने आई : इसके बाद 12 अक्टूबर को दूसरी पीड़िता लोक इंसाफ मंच के सदस्यों से मिली और अपनी समस्या बताई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ भी SHO ने गलत व्यवहार किया। उसे अपने कमरे में अकेले बुलाया। वह भी अपनी किसी शिकायत के लिए एक बार थाने गई थी। इसके बाद से SHO ने नंबर निकालकर उसे फोन करना शुरू कर दिया। वह इतना तंग आ गई कि घर तक छोड़ दिया। परिवार ने कई बार कहा कि बेटी विदेश चली गई है, लेकिन SHO ने मेरा पीछा नहीं छोड़ा।
