पंजाब सरकार ने पुलिस में बड़ा फेरबदल करते हुए 4 जिलों में नए SSP बदले

चंडीगढ़- पंजाब सरकार ने पुलिस में बड़ा फेरबदल करते हुए 4 जिलों में नए SSP नियुक्त कर दिए हैं। इनमें अमृतसर रूरल में भी नया SSP लगाया गया है, जहां के SSP को गैंगस्टरों पर कार्रवाई न करने को लेकर सरकार ने सस्पेंड किया था सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक बटाला के SSP सुहैल कासिम मीर अब अमृतसर रूरल के SSP होंगे। उनकी जगह पर SBS नगर के SSP मेहताब सिंह को बटाला लगाया गया है। विजिलेंस ब्यूरो के जॉइंट डायरेक्टर (क्राइम) तुषार गुप्ता को SBS नगर का नया SSP लगाया गया है। इंटेलिजेंस के AIG अभिमन्यु राणा मुक्तसर के नए SSP नियुक्त किए गए हैं। वहीं मुक्तसर के SSP अखिल चौधरी को ANTF का AIG लगाया गया है।

अमृतसर रूरल के सस्पेंड किए गए SSP मनिंदर सिंह और नए तैनात किए सुहैल कासिम मीर। - Dainik Bhaskar

अमृतसर रूरल के सस्पेंड किए गए SSP मनिंदर सिंह और नए तैनात किए सुहैल कासिम मीर।

3 दिन पहले सस्पेंड हुए थे SSP मनिंदर सिंह

सरकार ने 3 दिन पहले अमृतसर रूरल के एसएसपी मनिंदर सिंह को सस्पेंड कर दिया था। सरकार का कहना था कि यह कार्रवाई जिले में बढ़ रही गैंगस्टर गतिविधियों और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई में असफलता के चलते की  गई। मनिंदर सिंह 2019 बैच के IPS अफसर हैं। अमृतसर रूरल के SSP से पहले वह पुलिस कमिश्नरेट अमृतसर में ही असिस्टेंट कमिश्नर (ACP) के तौर पर तैनात थे। इसके अलावा वह तरनतारन में SP और पंजाब के गवर्नर के ADC रह चुके हैं।

चुनाव से पहले एसएसपी तरनतारन भी हुईं थीं सस्पेंड

11 नवंबर को हुए तरनतारन उपचुनाव से पहले इलेक्शन कमीशन ने वहां की SSP रवजोत कौर ग्रेवाल को सस्पेंड कर दिया था। यह कार्रवाई वोटिंग से 3 दिन पहले की गई। एसएसपी ग्रेवाल पर आरोप था कि उन्होंने चुनाव में निष्पक्ष होने के बजाय आम आदमी पार्टी के लिए काम किया। अकाली दल ने भी चुनाव आयोग को इसकी शिकायत भेजी थी। वह तरनतारन की पहली महिला SSP थीं और 2 महीने पहले ही तैनाती हुई थी। चुनाव आयोग ने उनकी जगह सुरिंदर लांबा को SSP नियुक्त कर दिया था।

PCS अफसर चारूमिता। - फाइल फोटो
PCS अफसर चारूमिता। – फाइल फोटो

पंजाब सरकार ने लेडी ADC को सस्पेंड किया

पंजाब सरकार ने कुछ दिन पहले ही मोगा की ADC और नगर निगम कमिश्नर चारूमिता को सस्पेंड कर दिया। सरकारी सूत्रों के मुताबिक धर्मकोट से बहादुरवाला से गुजरते नेशनल हाईवे के लिए जमीन एक्वायर की गई थी। इस दौरान मुआवजे में ₹3.7 करोड़ रुपयों के लेन-देन में गड़बड़ी मिली थी। उस वक्त चारूमिता वहां SDM थीं।

इसके बाद इसकी चार्जशीट तैयार कर जांच के लिए विजिलेंस को भेज दी गई। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक किसान मुआवजा न मिलने पर कोर्ट गया। इसके बाद जांच में पता चला कि जो जमीन पहले ही एक्वायर हो गई थी और सरकारी के कब्जे में थी, उसे दोबारा एक्वायर करने के एवज में मुआवजा बांट दिया गया। हालांकि चारूमिता ने कहा था कि उनका इस मामले से लेना-देना नहीं है।

पुलिस अफसरों के ट्रांसफर के आदेश…

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