सभी देशों के एंबेसडर को बुलाया जा रहा है। 23 नवंबर से 25 नवंबर तक मुख्य समागम होंगे। हमें अपना विरसा और पूर्वजों की शहादत को याद रखना चाहिए। कुर्बानियां देकर हमें ये रुतबे मिले हैं। गुरु तेग बहादुर के परिवार ने सबसे बड़ी शहादत दी। पोते तक शहादत है। इसकी हिस्ट्री में कहीं भी मिसाल नहीं मिलती है। उनके साथ चीफ सेक्रेटरी व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
दिल्ली से हुआ कार्यक्रमों का आगाज
इन कार्यक्रमों की शुरुआत 25 अक्टूबर को दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब में अरदास के साथ की गई। इसके बाद पंजाब के सभी जिलों में गुरु साहिब के जीवन और उपदेशों को दर्शाने वाले “लाइट एंड साउंड शो”, कीर्तन दरबार और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। गुरु साहिब के चरणों से जुड़े 130 पवित्र स्थलों पर भी कीर्तन दरबार आयोजित किए जाएंगे।

जम्मू-कश्मीर से आएगा नगर कीर्तन
उन्होंने बताया कि श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर), गुरदासपुर, फरीदकोट और तख्त श्री दमदमा साहिब (पंजाब) से चार नगर कीर्तन प्रारंभ होंगे, जो 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे।
टेंट सिटी और विधानसभा सत्र
23 से 25 नवंबर तक होने वाले मुख्य समारोहों में श्री अखंड पाठ साहिब, सर्व धर्म सम्मेलन, पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र और भव्य कीर्तन दरबार शामिल होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री आनंदपुर साहिब में “चक्क नानकी” नामक विशाल टेंट सिटी भी तैयार की जा रही है।
