जालंधर। पंजाब के फिरोजपुर में RSS नेता के पोते नवीन हत्याकांड मामले में पुलिस ने आज 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को फिरोजपुर से ही पकड़ा गया। तीन दिन पहले बदमाशों ने शहर के बीच बाजार गोलीबारी कर नवीन की हत्या की थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कनव और हर्ष के तौर पर हुई है। हत्याकांड की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन शेर-ए-पंजाब ब्रिगेड ने ली थी। संगठन ने कहा था कि हमने हिंदूवादी गिरोह के नेता को सुधार दिया है।

आरोपियों ने पूछताछ के बाद क्या बताया…
- कनव के घर हुई थी प्लानिंगः SSP फिरोजपुर भूपिंदर सिंह ने बताया कि कनव और हर्ष ने नवीन की रेकी की थी। हत्या की पूरी प्लानिंग कनव के घर पर हुई थी। 4 लोग इस हत्या में सीधे तौर पर शामिल हैं। इनमें से कनव और हर्ष को शहर से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों ने पूछताछ में हत्या की साजिश रचने का खुलासा किया है।
- 2 साथी अभी फरारः SSP फिरोजपुर ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। SSP भूपिंदर सिंह ने बताया कि दोनों को फिरोजपुर से ही अरेस्ट किया गया है। अभी दो साथी गिरफ्त से बाहर हैं। इनको पकड़ने के लिए पुलिस ने टीमों का गठन कर रखा है जो लगातार छापा मार रही हैं।
- दो गुटों में बंटे थे आरोपीः SSP ने बताया कि हत्या के लिए आरोपी दो गुटों में बंटे थे। दो लोग मोची बाजार की गली के एक तो दो लोग दूसरे छोर पर खड़े थे। इनकी प्लानिंग थी कि नवीन जिस भी तरफ से निकलने उसे वहीं घेर लेंगे। पकड़े गए हर्ष और कनव गली के दूसरी तरफ खड़े थे। अगर नवीन इनकी तरफ आता तो ये गोली चला देते। घटना के बाद इन्होंने ही गोली चलाने वाले साथियों की भागने में मदद की।
- जतिन और काली है मुख्यारोपीः एसएसपी भूपिंदर सिंह ने बताया कि मुख्यारोपी जतिन काली था। उसने पहले सबको 5-5 हजार ऑफर किए। युवक नहीं माने तो 25-25 हजार रुपए देने की बात कही। इस पर भी युवक नहीं माने तो 1 लाख रुपए देना तय किया। इसके बाद युवकों ने नवीन की हत्या की प्लानिंग की। गोली चलाने वाले बादल और उसका साथी था। उसका नाम अभी गिरफ्तारी न होने के कारण नहीं बताया जा सकता।
- हथियार लाने के लिए दो बार यूपी गएः एसएसपी भूपिंदर सिंह के अनुसार, हत्या की प्लानिंग करने वालों में कनव, हर्ष, जतिन और काली थे। इसके लिए ये हथियार यूपी से लेकर आए। यूपी में भी हथियार लेने दो बार गए। पहली बार इनको हथियार नहीं मिल पाया। दूसरी बार ये हथियार खरीदकर लाते हैं। नवीन अरोड़ा के साथ दुश्मनी जतिन काली की थी। ये क्या दुश्मनी थी, इसके बारे में पूछताछ चल रही है।
