वहीं, आरोप है कि गुलाटी के जरिए पूर्व मंत्री ने शिमला और दिल्ली में संपत्तियां बनाई थीं। इससे पहले मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल के खिलाफ मोहाली जिला अदालत में एक एप्लिकेशन विजिलेंस ने दायर की है। उसे भगोड़ा घोषित करने की तैयारी की है। इस पर एक दिसंबर को सुनवाई होगी।
विजिलेंस की तरफ से दिए गए यह तर्क
विजिलेंस की तरफ से याचिका में कहा गया है कि उनकी तरफ से आरोपी के विभिन्न पतों पर नोटिस भेजे थे। इसमें उसका संगरूर स्थित घर का पता, बसंत विहार दिल्ली और डिफेंस कॉलोनी दिल्ली शामिल है। कुछ दिन पहले विजिलेंस ने उस पर केस में नामजद किया था।
साथ ही केस में आपराधिक साजिश रचने की धारा लगाई थी। साथ ही तय किया था कि उससे पूछताछ की जाएगी। इसके लिए आरोपी को समन जारी कर तलब भी किया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इसके बाद आरोपी को अब दोबारा तलब किया गया है।
10 दिसंबर को आरोप तय करने की तैयारी
इस मामले में पंजाब सरकार ने गत महीने हुई कैबिनेट मीटिंग में केस चलाने की मंजूरी दी है। हालांकि अभी तक इस मामले में आरोप तय नहीं हुए हैं। माना जा रहा है कि 10 दिसंबर को होने वाली सुनवाई में आरोप तय हो सकते हैं। इस दौरान मजीठिया के वकीलों की तरफ से विजिलेंस द्वारा पेश किए गए चालान पर बहस की जाएगी। दूसरी तरफ मजीठिया पर दर्ज केस की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। अदालत कभी भी फैसला सुना सकती है।
