धमाकों के बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में लोग घबराकर सड़कों पर निकल आए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि धमाकों की वजह क्या थी। वेनेजुएला सरकार की तरफ से इस घटना पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वेनेजुएला की राजधानी काराकस में शनिवार को धमाके की तस्वीरें






ट्रम्प बोले- वेनेजुएला बड़े नौसैनिक बेड़े से घिरा हुआ है
ट्रम्प ने दिसंबर में वेनेजुएला पर दबाव बढ़ाते हुए प्रतिबंधित तेल टैंकरों के वेनेजुएला आने-जाने पर पूरी नाकाबंदी का आदेश दिया था। ट्रम्प ने कहा था कि वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े नौसैनिक बेड़े से पूरी तरह से घिरा हुआ है। ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा था यह घेराबंदी और बढ़ेगी, जब तक कि वेनेजुएला अमेरिका से चुराए गए तेल, जमीन और दूसरी संपत्तियों को वापस नहीं लौटाता।
उन्होंने 22 दिसंबर को पत्रकारों से कहा था कि मादुरो के लिए सत्ता छोड़ना समझदारी होगी, लेकिन वह जो करना चाहते हैं, वह पूरी तरह से उन पर निर्भर है।
5 अमेरिकी मूल के नागरिक वेनेजुएला की हिरासत में हैं
ट्रम्प प्रशासन के सैन्य अभियान के जवाब में वेनेजुएला भी बड़े पैमाने पर अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में ले रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये गिरफ्तारियां कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के बढ़ने के बीच हो रही हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक 5 अमेरिकी मूल के नागरिक हिरासत में लिए गए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि सभी मामलों में स्थितियां अलग-अलग हैं। कुछ गिरफ्तारियां कानूनन सही हैं। दो अमेरिकियों को गलत तरीके से हिरासत में लिया गया है। ऐसे में अमेरिका इस पर एक्शन लेने पर विचार कर रहा है।
तेल कंपनियों को लेकर अमेरिका-वेनेजुएला के बीच विवाद
ट्रम्प का दावा है कि वेनेजुएला ने अमेरिकी कंपनियों के तेल अधिकार अवैध रूप से छीन लिए थे। दरअसल, 1976 में वेनेजुएला की सरकार ने (राष्ट्रपति कार्लोस आंद्रेस पेरेज के समय) पूरे तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर दिया।
इसका मतलब था कि विदेशी तेल कंपनियां (ज्यादातर अमेरिकी, जैसे एक्सॉन, गल्फ ऑयल, मोबिल आदि) जो दशकों से वहां तेल निकाल रही थीं, उनके सभी ऑपरेशंस और संपत्तियां वेनेजुएला की नई सरकारी कंपनी पेट्रोलियोस डे वेनेजुएला (PDVSA) के पास चली गईं।
यह राष्ट्रीयकरण कानूनी तरीके से हुआ और कंपनियों को मुआवजा भी दिया गया, हालांकि कुछ कंपनियां इससे खुश नहीं थीं। उस समय अमेरिकी कंपनियों ने वेनेजुएला में तेल उद्योग को विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाई थी, इसलिए कुछ लोग इसे अभी भी अमेरिकी संपत्ति कहते हैं।

अमेरिका ने मादुरो का तख्तापलट कराने की धमकी दी थी
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में वेनेजुएला के खिलाफ ऑपरेशन शुरू हो सकता है। ट्रम्प प्रशासन वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का तख्तापलट भी करवा सकता है। कुछ दिन पहले यह जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी थी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत सीक्रेट ऑपरेशन से हो सकती है। हाल के हफ्तों में अमेरिकी सेना ने कैरेबियाई इलाके में बड़ी संख्या में जहाज, विमान और सैनिक तैनात किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई।
अमेरिका ने मादुरो पर ड्रग तस्करी का आरोप लगाया
अमेरिका लंबे समय से मादुरो पर आरोप लगाता रहा है कि वह ड्रग तस्करी में शामिल हैं, हालांकि मादुरो इन आरोपों को झूठा बताते हैं। दूसरी तरफ मादुरो का कहना है कि अमेरिका उन्हें सत्ता से निकालना चाहता है, लेकिन देश और सेना किसी भी बाहरी दखल का विरोध करेगी।
अमेरिकी सेना सितंबर से अब तक दर्जनों ड्रग बोट्स पर हमले कर चुकी है। जिसमें अब तक 105 लोगों की मौत हो चुकी है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अमेरिका बिना सबूत के लोगों को मार रहा है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
